मानसून के चलते अलर्ट मोड पर रहे प्रशासन

पार्षद डॉ. मधुरा काहाले की निगमायुक्त को सलाह

अमरावती/दि.24- मानसून की शुरूआत होते ही शहर के कई हिस्सों में पेड गिरने, सडकों पर भारी जल जमाव, नालों और सीवरों के ओवरफ्लो होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने ओर संक्रामक रोगों को खतरा बढने की भी समस्याएं सामने आ रही है. इन स्थितियों के मद्देनजर पार्षद एवं विधि समिति की उपसभापति डॉ. मधुरा मिलिंद कहाले ने महानगरपालिका आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से तत्काल एहतियाती कदम उठाने की मांग की है.
ज्ञापन में कहा गया है कि मानसून में नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य को होनेवाले गंभीर खतरों को देखते हुए प्रशासन अपने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखे और आपातकालीन तंत्र को तुरंत कार्यान्वित करें. नागरिकों को सुविधा के लिए महानगरपालिका, महावितरण, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन कक्ष, स्वास्थ्य विभाग, जोन-वार अधिकारी, एम्बुलेंस सेवा, पेड कटाई दल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबरों को तत्काल सार्वजनिक किया जाए. ताकि संकट के समय नागरिकों को त्वरित सहायता मिल सके.
पार्षद ने शहर के कई हिस्सों में नालों और सीवरों की समय पर सफाई न होने के कारण जल जमाव की बढती घटनाओं पर चिंता जताई है. उन्होंने मांग की है कि सभी नालों और जल निकासी वाहिनियों की तत्काल सफई कराए जाए और उन पर नियमित निगरानी रखी जाए. साथ ही बारिश में पेड गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए खतरनाक, झुके हुए और कमजोर पेडों की पहचान कर उसकी तत्काल जांच की जाए. किसी भी जनहानि को टालने के लिए विशेष टीमों की नियुक्ति की मांग की गई है.
* बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता
ज्ञापन में बार-बार बिजली गुल होने की समस्याओं का उल्लेख करते हुए महावितरण विभाग से एक स्वतंत्र आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की गई है. इसके अलावा, मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और गैस्ट्रो जैसी संक्रामक बीमारियों के बढते प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फॉगिंग कीटनाशक छिडकाव और स्वच्छता अभियान चलाने का आग्रह किया गया है. मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को तत्काल साफ करने और स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देने की मांग की गई है.

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