अध्ययन कक्ष में अनियमितता पर सरकार की स्वीकारोक्ति

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

* विधानसभा में विजय वडेट्टीवार ने उठाया मामला
* मंत्री बोले- जांच में दोषी पाए जाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुंबई /दि.25- अमरावती में आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित अध्ययन कक्ष (स्टडी रूम) के लिए प्रतिमाह करीब 8 लाख रुपये किराया देकर किए गए अनुबंध में कथित अनियमितताओं का मामला गुरुवार को विधानसभा में गूंजा. कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरा और पूरे मामले की निष्पक्ष

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

जांच की मांग की.
वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि अध्ययन कक्ष के लिए भवन का किराया तय करते समय कौन-कौन से मानदंड अपनाए गए. उन्होंने यह भी पूछा कि आवेदन किस अधिकारी की आईडी से स्वीकार किया गया, संबंधित भवन किसके स्वामित्व में है और इतना बड़ा खर्च करने के बावजूद विद्यार्थियों को वास्तविक लाभ क्यों नहीं मिला.
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* मंत्री ने स्वीकार की अनियमितता
आदिवासी विकास मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए माना कि इस मामले में अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जरूरतों को देखते हुए अस्थायी व्यवस्था के तौर पर अध्ययन कक्ष शुरू किया गया था और अनुबंध भी निर्धारित शर्तों के तहत किया गया था. हालांकि, त्रुटियां सामने आने के बाद संबंधित गृहपाल को निलंबित कर दिया गया है.
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* केवल कनिष्ठ कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं
इस पर विजय वडेट्टीवार ने कहा कि केवल कनिष्ठ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती. उन्होंने मांग की कि क्षेत्रीय अधिकारियों तथा निर्णय प्रक्रिया में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए.
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* आयुक्त स्तर की समिति करेगी जांच
वडेट्टीवार ने कहा कि यदि विद्यार्थियों के नाम पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ है तो इसकी गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने की भी मांग की. इस पर मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि मामले की जांच के लिए आयुक्त स्तर की समिति गठित की गई है. जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही संबंधित किराया अनुबंध भी रद्द कर दिया गया है.
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