अगर संघ का समर्थन करना है तो नौकरी छोड दे

राज ठाकरे का आईपीएस विश्वास नांगरे पाटिल पर निशाना

मुंबई /दि.27- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में दिए गए भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी की निष्ठा केवल संविधान और पुलिस सेवा के प्रति होनी चाहिए, किसी संगठन या राजनीतिक विचारधारा के प्रति नहीं.
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि विश्वास नांगरे पाटिल एक आईपीएस अधिकारी हैं और उनसे निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है. ऐसे में किसी मंच से आरएसएस की खुलकर प्रशंसा करना एक सरकारी अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है. राज ठाकरे ने कहा, यदि आपको आरएसएस के प्रति लगाव है तो उसे अपने मन तक सीमित रखें. यदि सार्वजनिक रूप से उसका समर्थन करना ही है तो पहले सरकारी सेवा से इस्तीफा दें, फिर आरएसएस या भाजपा में शामिल हो जाएं. आजकल पसंदीदा अधिकारियों के पुनर्वास की व्यवस्था भी है, आपका भी पुनर्वास हो जाएगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब ऐसा लगने लगा है कि नांगरे पाटिल की खाकी वर्दी का रंग पुलिस सेवा से अधिक संघ की पुरानी खाकी से जुड़ा हुआ है.
* 2012 की घटना का किया जिक्र
राज ठाकरे ने वर्ष 2012 की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि उस समय मनसे के एक आंदोलन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल ने पार्टी की सराहना की थी, जिसके बाद तत्कालीन सरकार ने उसे निष्पक्षता भंग करने के आरोप में अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया था. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उस समय ऐसी कार्रवाई की गई थी, तो क्या मौजूदा सरकार विश्वास नांगरे पाटिल के मामले में भी वही मानदंड अपनाएगी या अलग रवैया अपनाएगी.
* ‘सरकारी अधिकारी निष्पक्ष रहें
मनसे प्रमुख ने कहा कि यदि सरकारी अधिकारी भी राजनीतिक या वैचारिक पक्षधरता दिखाने लगेंगे तो आम जनता का भरोसा प्रशासन पर कैसे कायम रहेगा. उन्होंने विश्वास नांगरे पाटिल को सक्षम अधिकारी बताते हुए अपील की कि वे अपनी निष्पक्षता और विवेक किसी राजनीतिक दल या संगठन के सामने गिरवी न रखें.

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