मेरा विहान अभी आएगा और क्रिकेट खेलने जाएगा…
स्कूल बस हादसे में बेटे की मौत के बाद सदमे में मां, हाथों में क्रिकेट बैट लिए शून्य में निहारती रही

* चेंबूर हादसे ने झकझोर दिया मुंबई को, 11 वर्षीय विहान का सपना अधूरा रह गया
मुंबई/दि.1– चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. लेकिन इस हादसे का सबसे हृदयविदारक दृश्य उस समय सामने आया, जब बेटे की मौत के कई घंटे बाद भी उसकी मां जुही श्रीवास्तव हाथों में विहान की क्रिकेट बैट थामे बैठी रहीं. उनकी आंखें शून्य में टिकी थीं और मन जैसे अब भी इस उम्मीद से भरा था कि उनका बेटा स्कूल से लौटेगा, बैट उठाएगा और हमेशा की तरह क्रिकेट खेलने निकल जाएगा.
मंगलवार को हुए इस हादसे ने न केवल एक मासूम की जिंदगी छीन ली, बल्कि एक मां की दुनिया भी उजाड़ दी. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में जुही श्रीवास्तव अपने बेटे की क्रिकेट बैट को सीने से लगाए बैठी दिखाई दे रही हैं. आसपास मौजूद लोग उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बेटे के वियोग का यह असहनीय दर्द शब्दों से कहीं बड़ा है.
* क्रिकेटर बनने का सपना देखता था विहान
पड़ोसियों के अनुसार विहान बेहद प्रतिभाशाली, संस्कारी और मिलनसार बच्चा था. उसे क्रिकेट से विशेष लगाव था और वह भविष्य में एक सफल क्रिकेटर बनना चाहता था. परिवार के पड़ोसी मल्होत्रा परिवार ने बताया कि विहान अक्सर उनके घर आता था और उनके बेटे देव से क्रिकेट सीखने की इच्छा जताता था. उन्होंने भावुक होकर कहा, विहान अक्सर कहता था-’आंटी, मुझे प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना है, देव भैया से मुझे क्रिकेट सिखवाइए.’ वह बहुत समझदार और मेहनती बच्चा था. उसके बड़े सपने थे, लेकिन किस्मत ने उसे बहुत जल्दी हमसे छीन लिया.
* मां के जीवन का केंद्र था विहान
पड़ोसियों के मुताबिक विहान अपनी मां का सबसे बड़ा सहारा और उनकी दुनिया का केंद्र था. जुही श्रीवास्तव अपने बेटे को लेकर बेहद संवेदनशील थीं और उसकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि का ध्यान रखती थीं. बताया जाता है कि जब भी विहान घर से बाहर रहता, मां दिन में कई बार वीडियो कॉल कर उसकी कुशलक्षेम पूछती थीं. हादसे के बाद भी वे इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा. एक पड़ोसी ने बताया, वह अब भी यही कह रही हैं कि विहान को क्रिकेट खेलने जाना है. उनके लिए यह स्वीकार करना बहुत कठिन है कि उनका बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा.
* कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार दोपहर चेंबूर स्थित यूनिवर्सल स्कूल से छात्र घर लौट रहे थे. इसी दौरान अचानक एक विशाल पेड़ स्कूल बस पर गिर पड़ा. हादसे में 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य छात्र घायल हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि बच्चों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
* हम बस में फंस गए थे
हादसे में घायल हुए आठवीं कक्षा के छात्र कृष्णा रॉय ने बताया कि अचानक तेज आवाज हुई और बस के ऊपर भारी शाखा आ गिरी.उसने कहा, हमें समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ. हम सभी बच्चे बस के अंदर फंस गए थे. आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की और एक-एक कर हमें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया.कृष्णा को प्राथमिक उपचार के बाद उसी शाम घर भेज दिया गया.
* पूरे शहर को रुला गई यह घटना
एक ओर जहां परिवार अपने इकलौते बेटे के असमय निधन के गहरे सदमे से गुजर रहा है, वहीं यह हादसा शहर के लिए भी कई सवाल छोड़ गया है. एक मासूम का क्रिकेटर बनने का सपना अधूरा रह गया, और एक मां की आंखों में बेटे के लौट आने की उम्मीद अब भी ठहरी हुई है. विहान की कहानी केवल एक दुर्घटना की खबर नहीं, बल्कि उस असहनीय पीड़ा की दास्तान है जिसे कोई भी माता-पिता अपने जीवन में कभी नहीं देखना चाहते.





