मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू

नागपुर/दि.3– भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से देशभर में चरणबद्ध तरीके से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू किया है. इसी कड़ी में महाराष्ट्र में भी यह प्रक्रिया लागू की जा रही है. इस दौरान मतदाताओं को अपनी पहचान, जन्मतिथि और जन्मस्थान से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार, यदि किसी मतदाता का विवरण पूर्व मतदाता सूची या उपलब्ध डाटाबेस से मेल नहीं खाता है, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन अधिकारी द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा. नोटिस मिलने के बाद निर्धारित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा, अन्यथा मतदाता सूची में नाम को लेकर समस्या उत्पन्न हो सकती है.
* जन्म वर्ष के आधार पर अलग-अलग नियम
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे नागरिकों के लिए मतदाता को अपनी जन्मतिथि अथवा जन्मस्थान प्रमाणित करने के लिए सूचीबद्ध दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा. 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे नागरिकों के लिए स्वयं के जन्म संबंधी दस्तावेजों के साथ माता या पिता के जन्मतिथि अथवा जन्मस्थान संबंधी प्रमाण भी प्रस्तुत करने होंगे. 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे नागरिकों के लिए स्वयं के दस्तावेजों के अलावा माता और पिता दोनों के जन्मतिथि अथवा जन्मस्थान संबंधी प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा. यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है, तो मतदाता के जन्म के समय का वैध पासपोर्ट और वीजा की प्रति जमा करनी होगी. विदेश में जन्मे भारतीय नागरिकों को भारतीय दूतावास अथवा मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा. नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वालों को नागरिकता प्रमाणपत्र की प्रति जमा करनी होगी.
* मान्य दस्तावेजों की सूची
मतदाता सत्यापन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज मान्य होंगे, केंद्र या राज्य सरकार तथा सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों या पेंशनधारकों का पहचान पत्र अथवा पेंशन आदेश. 1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी सरकारी पहचान पत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र. पासपोर्ट. मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाणपत्र. राज्य सरकार द्वारा जारी स्थायी निवासी प्रमाणपत्र.वन अधिकार प्रमाणपत्र. अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य जाति प्रमाणपत्र. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो) से संबंधित दस्तावेज. सरकारी अधिकारियों द्वारा संरक्षित पारिवारिक अभिलेख या परिवार रजिस्टर. सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा आवास आवंटन संबंधी प्रमाणपत्र.
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें सत्यापन संबंधी कोई नोटिस प्राप्त होता है तो समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित बना रहे और मतदान के अधिकार पर कोई प्रभाव न पड़े.

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