लगातार छींक और खुजली को न करें नजरअंदाज
विश्व एलर्जी दिवस

* गंभीर बीमारी का बन सकती है कारण
अमरावती/दि.8- बदलती जीवनशैली, बढ़ता वायु प्रदूषण, धूल, मौसम में लगातार बदलाव और खान-पान की बदलती आदतों के कारण एलर्जी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार छींक आना, नाक बहना, आंखों में खुजली या त्वचा पर चकत्ते जैसी समस्याओं को मामूली समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. समय पर इलाज नहीं मिलने पर एलर्जी अस्थमा और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है.
विश्व एलर्जी दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से एलर्जी के प्रति जागरूक रहने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है. विशेषज्ञों के अनुसार एलर्जी तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली धूल, परागकण, पालतू जानवरों के बाल, कुछ खाद्य पदार्थों या रसायनों जैसी सामान्य चीजों को भी खतरनाक मानकर उनके खिलाफ प्रतिक्रिया करने लगती है. इसके कारण छींक आना, नाक बहना, आंखों से पानी आना, त्वचा पर लाल चट्टे और खुजली जैसी समस्याएं होती हैं.
* एलर्जी के प्रमुख लक्षण
लगातार छींक आना, नाक बहना या बंद होना, आंखों में लालपन, खुजली और पानी आना, त्वचा पर लाल चट्टे, रैश और तेज खुजली, लगातार खांसी, कुछ खाद्य पदार्थ खाने के बाद घरघराहट या सांस लेने में तकलीफ.
* खुद दवा लेने से बचें
डॉक्टरों का कहना है कि बार-बार एलर्जी होने पर मेडिकल स्टोर से बिना सलाह दवा लेने के बजाय एलर्जी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. एलर्जी टेस्ट के जरिए बीमारी का सही कारण पता लगाकर उचित इलाज कराया जा सकता है, जिससे एलर्जी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.
* बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनें, घर को धूल-मुक्त रखें, बेडशीट और तकिए के कवर नियमित रूप से धोएं, जिन खाद्य पदार्थों से एलर्जी होती है, उनसे परहेज करें, भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल और पर्याप्त पानी शामिल करें, एलर्जी बढ़ाने वाले कारकों से यथासंभव दूरी बनाए रखें. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एलर्जी के लक्षण बार-बार दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें. समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.





