उद्योगपति शरद सारडा जेल रवाना

अकोला /दि.9– जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग के आदेश की अवमानना उद्योगपति शरद रामपाल सारडा को महंगी पड गई. आयोग के आदेश के अनुपालन में श्री सारा ऑयल इंडस्ट्रीज तथा श्री मारूति उद्योग के भागीदार शरद सारडा को दो अलग-अलग मामलोें में एक-एक वर्ष के लिए सश्रम कारावास की जा भुगतने के लिए गिरफ्तार कर 6 जुलाई को जेल भेज दिया गया. आयोग द्बारा पुलिस अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई.
सूत्रों के अनुसार, जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने तारा कमलकिशोर अग्रवाल बनाम श्री सारडा ऑयल इंडस्ट्रीज तथा कमलकिशोर अग्रवाल श्री मारूति उद्योग मामलों में शिकायतकर्ताओं को संयुक्त एवं पृथक रूप से प्रत्येक मामले में एक लाख रूपए, 1 अप्रैल 2017 से वार्षिक 8 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया था. इसके साथ ही शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीडन के लिए 5 हजार रूपए क्षतिपूर्ति तथा 3 हजार रूपए वाद व्यय देने के निर्देश भी दिए गये थे.
आयोग के आदेश का पालन नहीं होने पर शिकायतकर्ताओं ने अवमानना याचिकाए दायर की. इन पर 4 नवंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए आोग के अध्यक्ष श्रीपाद कुलकर्णी तथा सदस्य नितिन वी. अग्रवाल और नीलिमा बेलोकार ने शरद रामपाल सारडा को दोनों मामलों में अलग-अलग एक वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक मामले में 10 हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई. साथ ही जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त दो माह के कारावास का भी प्रावधान किया था.
सजा के क्रियान्वयन में लगातार विलंब होने पर आयोग ने पुलिस अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शरद रामपाल सारडा को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया गया है.

 

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