कैदी और पुलिस कर्मचारियों में खरात से भविष्य जानने की होड

नाशिक सेंट्रल जेल में बंद बाबा अशोक खरात ज्यादातर रहता है खामोश

* तीन अंगुलियों को एक साथ जोडकर कर रहा है विशेष साधना
नाशिक /दि.10– बलात्कार व ठगी समेत 15 मामलों में नाशिक रोड मध्यवर्ती कारागार में बंद अशोक खरात इन दिनों कैदियों और वहां तैनात पुलिस स्टाफ के सवालों से परेशान हो चुका है. जैसे ही खरात आम कैदियों के बीच जाता है, कुछ लोग उसके कारनामों से जुडे सवाल करने लगते है. इन सबके चलते जेल प्रशासन ने उसे अलग बैरक में रखा है, ताकि अन्य कैद उसे परेशान न करें. लगातार पूछे जा रहे सवालों से तंग आकर खरात ने अब चुप्पी साध ली है.
सुत्रों के अनुसार, वह सुबह जल्दी उठकर अपने दाएं हाथ की तीन अंगुलियों को एक साथ जोडर मंत्रोच्चार करते हुए विशेष पूजा-साधना करता है. कभी सेलिब्रिटीज तथा महाराष्ट्र और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच चर्चित रहे बाबा अशोक खरात इन दिनों नाशिक सेंट्रल जेल में किस तरह रह रहा है, इसकी जानकारी सूत्रों से जुटाई.
* सवालों से परेशान अधिकांश समय मौन रहता है
सूत्रों के अनुसार, जब खरात पहली बार सेंट्रल जेल पहुंचा था, तब वहां के कैदियों और पुलिसकर्मियोें में उससे अपना भविष्य जानने की उत्सुकता थी. वह इससे बुरी तरह तंग आ चुका है. हालाकि अब वह अधिकांश समय मौन रहता है और केवल जरूरी बातों का संक्षिप्त जवाब देता है. जेल के कुछ कैदियों के बीच आज भी बाबा खरात का खासा प्रभाव बताया जाता है. घर से खाना मंगवाने की छूट चाही थी, मगर वह नहीं मिली.
* पत्नी और बेटे को करता है याद
सूत्रों के अनुसार, खरात को सबसे अधिक चिंता पत्नी कल्पना खरात और बेटे हर्षवर्धन खरात की है.वह कई लोगों से इसका जिक्र कर चुका है. बताया जाता है कि उसकी पत्नी अब तक उससे जेल में मिलने नहीं आई है. पत्नी को एक मामले में जमानत मिल चुकी है, जबकि दूसरे मामले में पुलिस उनकी तलाश कर रही है.सूत्रों का दावा है कि खरात को अब यह आशंका सताने लगी है कि शायद वह जल्द जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा.
* सख्त आदेश: कोई विशेष सुविधा नहीं
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि अशोक खरात को जेल में किसी प्रकार की विशेष सुविधा न दी जाए. इसलिए उसे सामान्य कैदियों की तरह ही रखा गया है.
* लगभग 4 माह से अंदर: 16 मार्च से है जेल में बंद
अशोक खरात को 16 मार्च 2026 को नाशिक पुलिस ने पहली बार गिरफ्तार किया था. तब से वह लगातार हिरासत में है. अलग-अलग मामलों में एसआईटी, शिर्डी पुलिस और बाद में ईडी ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में लिया, लेकिन उसे रिहा नहीं किया गया. 8 जुलाई तक वह लगभग चार महिने से जेल में बंद है.
* अलग बैरक में रखा गया है खरात को
खरात अंडरट्रायल कैदी है. उसे अलग बैरक में रखा गया है, ताकि अन्य कैदी उसे परेशान न करें. उसे किसी भी प्रकार का वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया है. अंडरट्रायल कैदियों की सुरक्षा और जिम्मेदारी हमारी होती है. वह एकांत में रहता है.
– अरूण मुगुटराव,
जेलर, नाशिक रोड मध्यवर्ती कारागार.

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