नगर परिषद के हजारों शिक्षकों को मिली एनपीएस योजना की सौगात
लंबे संघर्ष के बाद शासन का फैसला

अमरावती/मुंबई/दि.11 – महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की नगर परिषदों में 1 नवंबर 2005 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है. इस फैसले से राज्यभर के हजारों शिक्षकों को लाभ मिलने की उम्मीद है. लंबे समय से इस मांग को लेकर विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे थे.
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने पहले ही 1 नवंबर 2005 के बाद नियुक्त राज्य सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों पर एनपीएस लागू कर दी थी. वर्ष 2022 में मनपा के शिक्षकों को भी इस योजना का लाभ दिया गया, लेकिन नगर परिषदों के शिक्षकों को अब तक किसी भी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला था. इससे हजारों शिक्षकों में असंतोष का माहौल था. नगरपालिका एवं मनपा शिक्षक संघ, महाराष्ट्र राज्य के अध्यक्ष सुनील जाधव तथा संगठन के पदाधिकारियों ने इस मांग को लेकर नगर विकास विभाग के अधिकारियों से कई बार मुलाकात की और मंत्रालय स्तर पर लगातार पैरवी की. हाल ही में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने नगर विकास विभाग के सचिव नवीन सोना से भी मुलाकात की. वहीं मंत्री संजय राठोड़ के माध्यम से भी योजना को जल्द लागू कराने के प्रयास किए गए. महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वितेश खांडेकर के नेतृत्व में भी प्रत्येक विधानसभा सत्र के दौरान नगर विकास विभाग के अधिकारियों के समक्ष नगर परिषद और मनपा शिक्षकों को पेंशन योजना से वंचित रखने का मुद्दा लगातार उठाया गया. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप नगर विकास विभाग ने राज्यभर की नगर परिषदों में 1 नवंबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर एनपीएस लागू करने का निर्णय लिया है. इससे हजारों शिक्षकों को पेंशन संबंधी लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
संगठन ने इस निर्णय के लिए कार्याध्यक्ष विनोद चव्हाण, सचिव ओम गोखले और शिवाजी राजेवाडे, उपाध्यक्ष विकास तरटे, दत्तात्रय डेंगले, राज्य पदाधिकारी योगेश पखाले, मार्गदर्शक संजय चुनारकर तथा करणसिंह चव्हाण के प्रयासों की सराहना की है. योगेश पखाले ने कहा कि नगर परिषद के 1 नवंबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को अब तक किसी भी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा था, जिससे उनके सेवानिवृत्ति के बाद का भविष्य अनिश्चित बना हुआ था. उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग ने लगभग 21 वर्षों बाद एनपीएस लागू कर शिक्षकों को राहत दी है, हालांकि योजना के क्रियान्वयन में मौजूद कमियों को दूर कर सभी पात्र शिक्षकों को पूर्ण लाभ दिलाने के लिए संगठन आगे भी प्रयास जारी रखेगा.





