महाराष्ट्र में अगले 4-5 दिनों जोरदार बारिश के संकेत

फिर सक्रिय होगा मानसून, विदर्भ के किसानों को राहत की उम्मीद

मुंबई/नागपुर/दि.13- जून माह में अपेक्षाकृत कमजोर रहने वाला मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में जोरदार बरसा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश थमने से उमस और गर्मी बढ़ गई है. इस बीच भारतीय मौसम विभाग (आयएमडी) ने महाराष्ट्र के लिए राहतभरी खबर दी है. विभाग के अनुसार आगामी चार से पांच दिनों में राज्य के कई हिस्सों में फिर से मानसून सक्रिय होने तथा मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों का प्रभाव धीरे-धीरे मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है. उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र तथा ऊपरी हवा की चक्रवाती स्थिति मौसम में बदलाव का प्रमुख कारण मानी जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रणाली पहले उत्तर-पश्चिम दिशा में और बाद में उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी, जिससे मानसूनी गतिविधियों को बल मिलेगा.
ज्ञात रहे कि, महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से बारिश में कमी आने के कारण अधिकांश क्षेत्रों में तापमान बढ़ा है. कई जिलों में दिन के समय तेज धूप और उमस महसूस की जा रही है. मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक और प्रभावी वर्षा के लिए लोगों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में कोकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है. हालांकि फिलहाल राज्य के अधिकांश भागों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है.
उल्लेखनिय है कि, इस समय तक राज्य में खरीफ सीजन की बुवाई बड़े पैमाने पर हो चुकी है. विशेषकर विदर्भ और मराठवाड़ा के किसानों ने सोयाबीन, कपास, तुअर और अन्य फसलों की बुवाई कर दी है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश रुकने के कारण फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. ऐसे में मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी किसानों के लिए राहत का संदेश लेकर आई है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले सप्ताह अच्छी बारिश होती है तो फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा. वहीं बारिश में और अधिक देरी होने पर शुरुआती बुवाई वाली फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहेगी.
* जलस्रोतों में बढ़ा जलस्तर
जुलाई के पहले सप्ताह में हुई जोरदार बारिश से राज्य के कई बांधों और जलाशयों में जलस्तर बढ़ा है. जून महीने में कम वर्षा के कारण जलसंकट की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन हालिया बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है. अब आगामी बारिश से जलसंग्रहण में और वृद्धि होने की उम्मीद है.
* मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है. वहीं जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. नागरिकों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय होने के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का दायरा बढ़ेगा, जिससे कृषि, पेयजल और जलसंग्रहण की दृष्टि से राहत मिलने की संभावना है.

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