एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को 30% प्रोत्साहन भत्ता

ड्रग्स माफियाओं पर सख्त वार

नागपुर/दि.1- महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. गृह विभाग ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (अंमली पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स) में कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 30 प्रतिशत प्रोत्साहन भत्ता देने की मंजूरी दी है. इस संबंध में शासन ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. यह भत्ता आज 1 अगस्त से ही लागू हो गया है.
राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और सेवन में वृद्धि को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने ’जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई है. युवाओं पर नशे के बढ़ते दुष्प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले ही राज्यस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया था तथा इसके लिए 346 नए पदों को मंजूरी दी थी. वर्तमान में राज्य में ऐसे दो विशेष दल कार्यरत हैं. सरकार के अनुसार, इस टास्क फोर्स के अधिकारी और कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय तथा संगठित ड्रग्स तस्करी गिरोहों के खिलाफ गुप्त अभियान, छापेमारी और जांच जैसी अत्यंत जोखिमपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं. कई बार उन्हें जान जोखिम में डालकर कार्रवाई करनी पड़ती है तथा खतरनाक रासायनिक मादक पदार्थों के संपर्क में आने से शारीरिक और मानसिक खतरे भी बने रहते हैं. इन्हीं जोखिमों को देखते हुए प्रोत्साहन भत्ता देने का निर्णय लिया गया है. सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त भत्ते से सक्षम और अनुभवी पुलिस अधिकारियों को इस चुनौतीपूर्ण दायित्व के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा तथा ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी. सरकार के इस निर्णय से राज्य के खजाने पर प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ 90 लाख 50 हजार 500 रुपए का अतिरिक्त व्यय आएगा, जिसका वहन गृह विभाग करेगा. सरकार का उद्देश्य ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ अभियान को और मजबूत बनाते हुए राज्य में नशे के नेटवर्क का पूरी तरह सफाया करना है.

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