मनोज जरांगे ने फिर खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
सीएम फडणवीस व मंत्री बावनकुले पर कसा तंज

* 29 अगस्त के आंदोलन का फिर किया ऐलान
कराड/सातारा /दि.12- मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने पश्चिम महाराष्ट्र दौरे के समापन पर राज्य सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला. कराड में आयोजित सभा के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए मराठा समाज के साथ अन्याय का आरोप लगाया. साथ ही 29 अगस्त को प्रस्तावित आंदोलन और अनशन को लेकर सरकार को चेतावनी भी दी.
पिछले तीन दिनों से पश्चिम महाराष्ट्र के दौरे पर रहे जरांगे पाटिल ने सोलापुर, सांगली और सातारा जिलों में बैठकें और सभाएं कीं. दौरे के अंतिम दिन उनका अंदाज फिर आक्रामक नजर आया. उन्होंने कहा कि मराठा समाज में व्यापक जागृति आई है और बड़ी संख्या में लोग आरक्षण के मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं. सभा के दौरान जरांगे ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सभी मामलों की जांच का अधिकार उन्हें दे दिया जाए, तो वे सभी को क्लीन चिट दे सकते हैं. उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि बावनकुले मूल न्यायाधीश बनने की पात्रता रखते हैं.
जरांगे ने आरोप लगाया कि मराठा समाज से जुड़े मुद्दों पर सरकार के कुछ मंत्री लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को अपने मंत्रियों को संयम बरतने की सलाह देनी चाहिए. मनोज जरांगे ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में पश्चिम महाराष्ट्र में मराठा समाज के बीच भारी जनजागरण देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होने लगा है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और इसी कारण आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि मराठा समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. साथ ही यह भी कहा कि किसी भी समाज के प्रति द्वेष की भावना से राजनीति नहीं की जानी चाहिए.
जरांगे पाटिल ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि 29 अगस्त को होने वाला आंदोलन निर्णायक साबित हो सकता है. उन्होंने संकेत दिए कि आंदोलन का केंद्र अंतरवाली सराटी रहेगा, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार आंदोलन का स्वरूप बदल भी सकता है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मराठा आरक्षण और संबंधित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और अधिक व्यापक हो सकता है. उन्होंने समर्थकों से आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.
सभा में जरांगे ने भाजपा नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि उन्होंने कहा कि यदि उनके आरोप गलत साबित होते हैं तो वे अपने शब्द वापस लेने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना और ट्रोलिंग से उनके आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे मराठा समाज के मुद्दों को उठाते रहेंगे.





