सातबारा रिकॉर्ड में नाम नहीं होने वाले किसानों को बड़ी राहत

सभी किसानों को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के राजस्व मंत्री के निर्देश

* 2.31 लाख किसानों के एग्रीस्टैक का रास्ता होगा साफ
मुंबई/दि.14- महाराष्ट्र में सातबारा उतारे या अन्य अधिकार अभिलेखों में नाम दर्ज नहीं होने वाले किसानों को सरकारी रिकॉर्ड में शामिल करने का महत्वपूर्ण निर्णय राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने लिया है. इस निर्णय से राज्य के करीब 2 लाख 31 हजार किसानों का ‘एग्रीस्टैक’ तैयार होने का रास्ता साफ होगा. साथ ही इन किसानों को कर्जमाफी सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना आसान हो जाएगा.
इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्रालय में राजस्व मंत्री के कक्ष में आयोजित बैठक में मत्स्य व्यवसाय मंत्री नितेश राणे, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, विधायक निलेश राणे, विधायक दीपक केसरकर तथा राजस्व, सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में सामने आया कि राज्य के करीब 2.31 लाख किसानों का एग्रीस्टैक तैयार नहीं हो पा रहा है. इसके पीछे कई तकनीकी और राजस्व संबंधी समस्याएं हैं. राज्य में करीब 50 हजार किसान मृत हैं, लेकिन उनके रिकॉर्ड अभी तक अपडेट नहीं किए गए हैं. वहीं करीब 10 हजार मामलों में जमीन पिता के नाम पर है, लेकिन बेटे का नाम अभी तक सातबारा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुआ है. इसके अलावा किसानों को दी गई कबुलायतदार जमीनों पर सरकार का नाम दर्ज होने के कारण संबंधित किसानों को फसल ऋण लेने में परेशानी हो रही है. इतना ही नहीं, ऋण लेने के बाद भी उन्हें कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल पा रहा है. अकेले सिंधुदुर्ग जिले में 1,207 किसानों के फार्मर आईडी अभी तक जारी नहीं हुए हैं.

* 15 दिनों में जिलाधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जिन किसानों का नाम सातबारा या अन्य अधिकार अभिलेखों में दर्ज नहीं है, उनकी जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज एकत्र कर सहकारिता विभाग को भेजे जाएं. इसके लिए एक स्वतंत्र प्रारूप तैयार कर सभी जिलाधिकारियों से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मंगाई जाए. इस विषय पर जल्द ही जिलाधिकारियों की बैठक आयोजित कर आगे की कार्रवाई के अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे.

* देवस्थान, इनाम और वतन जमीनों के लिए विशेष व्यवस्था
देवस्थान, कबुलायतदार, इनाम और वतन जमीन रखने वाले किसानों को भी सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए विशेष प्रारूप तैयार किया जाएगा. इससे ऐसे किसानों का एग्रीस्टैक तैयार करने में भी मदद मिलेगी. सहकारिता आयुक्त ने बताया कि पात्र किसानों की सूची जारी की गई है. जिन किसानों का एग्रीस्टैक तकनीकी कारणों से तैयार नहीं हो पा रहा है, उनसे अन्य वैकल्पिक दस्तावेज लेकर समस्या का समाधान किया जाएगा.

* पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिलाने का प्रयास
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि राज्य के सभी किसानों का सटीक डेटा तैयार कर उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा. तकनीकी अड़चनों के कारण जिन वास्तविक किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें कर्जमाफी का लाभ दिलाने के लिए सरकार की ओर से विशेष प्रयास किए जाएंगे.

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