सिंहस्थ के टॉप-10 ठेकों में 8 महाराष्ट्र के

शेष 2 में एक गुजरात और एक जम्मू-कश्मीर के ठेकेदार

* दावों-प्रतिदावों के बीच हकीकत उजागर
नाशिक/दि.15 – आगामी सिंहस्थ कुंभमेले के लिए करीब 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है. विपक्ष की ओर से सिंहस्थ की अधिकांश बड़ी परियोजनाओं के ठेके गुजरात के ठेकेदारों को दिए जाने के आरोप लगाए गए थे. हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की गई पड़ताल में तस्वीर इससे अलग सामने आई है. सिंहस्थ की टॉप-10 प्रमुख परियोजनाओं में से 8 ठेकेदार महाराष्ट्र के, जबकि एक-एक ठेकेदार गुजरात और जम्मू-कश्मीर के हैं.
कुंभमेले के मद्देनजर नाशिक शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य शुरू हैं. सड़कों की खुदाई और बारिश के कारण जगह-जगह बने गड्ढों से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कुछ समय पहले शहर में गड्ढों के कारण छह लोगों की मौत के बाद इन कामों की गुणवत्ता और ठेका प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए थे. उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे और सांसद संजय राऊत ने कामों के ठेके पर सवाल उठाते हुए गुजरात सहित अन्य राज्यों के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था.
इन आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कुंभमेले के मंत्री गिरीश महाजन ने जवाब देते हुए निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया है. सरकार के अनुसार सभी निविदाएं ऑनलाइन और नियमानुसार हुई हैं. प्रतिस्पर्धात्मक बोली के कारण कई काम निर्धारित लागत से 20 से 42 प्रतिशत तक कम दरों पर दिए गए हैं.
* जर्मन कंपनी कर रही गुणवत्ता की निगरानी
सिंहस्थ की सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी जर्मनी की टीयूवी-एसयूडी कंपनी को दी गई है. कुंभमेले के प्राधिकरण की ओर से भी कामों की नियमित जांच की जा रही है. काम में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई तथा जुर्माना लगाने की प्रक्रिया जारी है. अधिकांश परियोजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि कुछ कार्यों की समयसीमा मई 2027 तक निर्धारित की गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सिंहस्थ की पूरी निविदा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन और नियमों के अनुसार संचालित की गई है. किसी भी बाहरी ठेकेदार को थोपे जाने का सवाल नहीं है. स्थानीय ठेकेदार भी नियमों के तहत काम कर रहे हैं.
* गिरीश महाजन ने दी चुनौती
कुंभमेले के मंत्री गिरीश महाजन ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि सिंहस्थ की किसी भी निविदा को ‘मैनेज’ करके दिए जाने की बात साबित करके दिखाई जाए. उन्होंने कहा कि कुंभमेले के ठेकेदारों की पूरी सूची उपलब्ध कराई जा सकती है. वहीं, महापालिका के कई काम 20 से 25 प्रतिशत कम दरों पर दिए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी.

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