शराब पीकर स्कूल पहुंचे प्रधानाध्यापक
हिंगोली की सरकारी स्कूल का मामला

* सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज
* सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने दी आंदोलन की चेतावनी
हिंगोली/दि.17 – हिंगोली जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है. जिले के लिंबाला गांव स्थित एक सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक का कथित रूप से शराब के नशे में स्कूल परिसर में घूमने और कक्षा में सोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब नीट पेपर लीक आंदोलन के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में संबंधित प्रधानाध्यापक कथित रूप से हाथ में शराब की बोतल लेकर स्कूल परिसर में घूमते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में यह भी नजर आ रहा है कि वे विद्यालय के एक कक्ष में सोए हुए हैं. उस समय कक्षा में छोटे-छोटे विद्यार्थी मौजूद थे, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन सामने आए दृश्यों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गांव के लोगों का आरोप है कि संबंधित प्रधानाध्यापक लंबे समय से स्कूल परिसर में शराब का सेवन करते हैं और कई बार नशे की हालत में विद्यालय पहुंचते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस तरह की घटनाओं का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और मानसिक वातावरण पर पड़ता है.
* अभिजीत दीपके ने उठाया मुद्दा
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में आंदोलन कर चुके अभिजीत दीपके ने भी यह वीडियो अपने सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया है. उन्होंने शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषी के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा. दीपके ने कहा कि जिन शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी है, उनसे इस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती.
* शिक्षा विभाग पर बढ़ा दबाव, अभिभावकों में नाराजगी
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है. स्थानीय स्तर पर मामले की जांच शुरू किए जाने की चर्चा है. प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वीडियो की सत्यता, घटनाक्रम और आरोपों की जांच के बाद आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. घटना सामने आने के बाद अभिभावकों ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों के सीखने और संस्कार ग्रहण करने का स्थान होता है. यदि वहीं जिम्मेदार अधिकारी अनुशासनहीनता का उदाहरण पेश करेंगे तो इसका नकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ेगा.
* जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, निलंबन अथवा अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं. ग्रामीणों और अभिभावकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और कठोरता से कार्रवाई करता है.





