अंजनगांव की चिंतामणि लैब पर कार्रवाई के संकेत
रक्त जांच रिपोर्ट में भारी अंतर, मरीज ने जिला शल्य चिकित्सक से की शिकायत

अंजनगांव सुर्जी/दि.18 – रक्त जांच रिपोर्ट में कथित रूप से भारी अंतर सामने आने के बाद अंजनगांव सुर्जी स्थित चिंतामणि लेबोरेटरी के खिलाफ कारवाई के संकेत मिले हैं पथ्रोट निवासी मरीज आनंद चिठोरे ने इस मामले में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार से शिकायत कर जांच एवं उचित कारवाई की मांग की है. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शल्य चिकित्सक ने संबंधित लैब की जांच कर नियमानुसार कारवाई का आश्वासन दिया है इस प्रकरण से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है.
जानकारी के मुताबिक आनंद चिठोरे की बायपास सर्जरी हो चुकी है डॉक्टरों की सलाह पर तीन माह की औसत रक्त शर्करा की स्थिति जानने के लिए उन्होंने 5 अगस्त को कल्पतरु अस्पताल (डॉ. कस्तुभ पाटील) में संचालित चिंतामणि लेबोरेटरी में एचबीए-1सी जांच के लिए रक्त का नमूना दिया था उसी दिन जारी रिपोर्ट में एचबीए-1सी का स्तर 9.1 प्रतिशत बताया गया चिठोरे के अनुसार इससे पहले हुई उनकी जांचों में इतना अधिक स्तर कभी सामने नहीं आया था इसलिए उन्हें रिपोर्ट पर संदेह हुआ विशेषज्ञों की सलाह के बाद उन्होंने अंजनगांव सुर्जी स्थित जीवन ज्योति लैब में दोबारा एचबीए-1सी जांच कराई तीन दिन बाद नागपुर से प्राप्त रिपोर्ट में उनका एचबीए-1सी स्तर 6 प्रतिशत आया.
दोनों रिपोर्ट में बड़ा अंतर पाए जाने पर मरीज ने चिंतामणि लैब के संचालक शुभम पाटील से इस संबंध में चर्चा की शिकायत के अनुसार, लैब संचालक ने पुराने रक्त नमूने की दोबारा जांच करने की बात कही और उसका परिणाम 8 प्रतिशत आने की जानकारी मरीज को मोबाइल पर दिखाई. एक ही लैब में एक ही मरीज के नमूने की जांच के अलग-अलग परिणाम सामने आने को लेकर मरीज ने सवाल उठाया शिकायत के अनुसार इस पर लैब संचालक ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने की बात कहते हुए माफी मांगने तथा जांच की राशि वापस करने की बात कही
* गलत रिपोर्ट से उपचार की दिशा बदलने का खतरा
मरीज का कहना है कि रक्त जांच की रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक उपचार की दिशा तय करते हैं यदि रिपोर्ट गलत या संदिग्ध हो तो उसका सीधा असर मरीज के उपचार और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है इससे मरीजों में मानसिक तनाव भी उत्पन्न हो सकता है इसी कारण उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कारवाई की मांग की है इस संबंध में जिला सामान्य अस्पताल अमरावती के जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार के पास शिकायत की गई है डॉ. पवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर नियमानुसार कारवाई किए जाने के संकेत दिए हैं.
डॉ. पवार ने कहा कि रक्त जांच जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं योग्य एवं अधिकृत विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ही कराई जानी चाहिए उन्होंने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और जांच में अनियमितता अथवा गलत रिपोर्टिंग की पुष्टि होने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई की ओर पूरे अंजनगांव सुर्जी तहसील की नजरें लगी हुई हैं.





