अमरावतीकरों ने रखा विकास का रोडमैप

मेरे शहर की समस्या क्या?’ से ‘मेरा शहर कैसा हो?’

* ‘राइट टू सिटी-हक का शहर’ अभियान में नागरिकों को मिला खुला मंच
* सड़क, पानी, ड्रेनेज, रोजगार, स्वास्थ्य, यातायात और बढ़े संपत्तिकर पर खुलकर हुई चर्चा
अमरावती/दि.21 – मेरे शहर की समस्या क्या है? और मेरा शहर कैसा होना चाहिए? इन दो सवालों को केंद्र में रखते हुए शुक्रवार को अमरावती शहर कांग्रेस कमिटी की ओर से ‘राइट टू सिटी-हक का शहर’ अभियान के तहत विशेष नागरिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. शिवटेकड़ी के समीप कांग्रेस भवन की नई इमारत में आयोजित कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्स्फूर्त सहभागिता दर्ज कराते हुए अमरावती की मौजूदा समस्याओं के साथ ही भविष्य के विकास की दिशा पर भी अपने विचार रखे. ेकार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि नागरिकों की अपेक्षाओं और सुझावों के आधार पर शहर के विकास का एक व्यापक रोडमैप तैयार करना रहा. इस दौरान ‘नागरिक बोले, कांग्रेस ने सुना’ की भूमिका के साथ नागरिकों को सीधे अपनी बात रखने का खुला मंच उपलब्ध कराया गया.
* राजनीतिक भाषणों के बजाय नागरिकों की बात पर जोर
कार्यक्रम में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों से जुड़े नागरिकों ने भाग लिया. झेन-झेड युवा, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, कामगार संगठनों के प्रतिनिधि, गिग वर्कर्स, घरेलू कामगार, ऑटो चालक, व्यापारी, पत्रकार, संपादक, लेखक, कलाकार, सेवानिवृत्त अधिकारी, शासकीय कर्मचारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, डॉक्टर, शिक्षक, आर्किटेक्ट, नगर नियोजक, गृह निर्माण संस्थाओं के पदाधिकारी, उद्योगपति, महाविद्यालय प्रतिनिधि और वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी समस्याएं और सुझाव सामने रखे. कार्यक्रम में पूर्व अभियंता जीवन सदार, शिक्षक अमोल महात्मे, सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण धुराटकर, डॉ. गुणवंत डहाने, डॉ. ज्ञानेश्वर पवार, व्यापारी एवं महानगर चेंबर प्रमुख सुरेश जैन, शिक्षक विलास ठाकरे, झेन-झेड विद्यार्थी मोहम्मद उमेर, नागरिक अनिस खान, समाजसेवक डॉ. राजवर्धन इंगले, आसिफ शेख, शिक्षक आशीष इंगले तथा विदर्भ ऑटो यूनियन के अध्यक्ष नितीन मोहोड़ सहित अनेक लोगों ने अपनी भूमिका रखी.
* सड़क से रोजगार तक हर मुद्दे पर मंथन
नागरिक संवाद के दौरान शहर के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. इनमें खस्ताहाल सड़कें, जलापूर्ति, ड्रेनेज व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात, रोजगार के अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास, सार्वजनिक सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण, शहर नियोजन, मनपा प्रशासन और प्रस्तावित बढ़े हुए संपत्तिकर जैसे विषय प्रमुख रहे. नागरिकों ने कहा कि अमरावती का विकास केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. शहर में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों को समान रूप से मजबूत किया जाना जरूरी है. खास बात यह रही कि नागरिकों ने केवल समस्याओं की सूची नहीं गिनाई, बल्कि ‘अमरावती भविष्य में कैसी होनी चाहिए’ इसे लेकर ठोस सुझाव और संभावित समाधान भी प्रस्तुत किए. इस लिहाज से यह कार्यक्रम केवल शिकायतें सुनने तक सीमित न रहकर शहर के भविष्य की दिशा तय करने की पहल के रूप में सामने आया.
* राहुल गांधी के मार्गदर्शन में ‘शहर परिवर्तन गट’
कार्यक्रम में बताया गया कि देश के विपक्ष के नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देश पर ‘शहर परिवर्तन गट’ का गठन किया गया है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव एवं प्रदेश के वरिष्ठ प्रवक्ता सचिन सावंत को इस गट का अध्यक्ष तथा कांग्रेस नेता संग्राम खोपडे को समन्वयक नियुक्त किया गया है. इस पहल के माध्यम से शहरों की वास्तविक समस्याओं को नागरिकों से सीधे समझने और उनके समाधान के लिए व्यापक स्तर पर काम करने का प्रयास किया जा रहा है.
* ‘शहर का विकास नागरिकों की भागीदारी से हो’
अमरावती शहर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष बबलु शेखावत ने कहा कि अमरावती के विकास का निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में नहीं, बल्कि शहर के नागरिकों की भागीदारी से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर नागरिक को बेहतर सड़कें, स्वच्छ वातावरण, शुद्ध पेयजल, सक्षम सार्वजनिक सुविधाएं, सुरक्षित यातायात, रोजगार के अवसर और नियोजनबद्ध शहर मिलना उसका अधिकार है. ‘राइट टू सिटी-हक का शहर’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि अमरावतीकरों के अधिकार और उनकी भागीदारी की आवाज है.
* सुझावों का संकलन कर आगे होगा काम
कार्यक्रम में स्पष्ट किया गया कि नागरिकों द्वारा रखी गई समस्याओं और सुझावों का संकलन किया जाएगा. इसके आधार पर आगे व्यापक स्तर पर काम करने और संबंधित मुद्दों को उचित मंच पर उठाने का प्रयास किया जाएगा. पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख, शहर कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष बबलु शेखावत, पूर्व महापौर एवं मनपा के विरोधी पक्षनेता विलास इंगोले, पूर्व महापौर मिलिंद चिमोटे, शहर कांग्रेस कोषाध्यक्ष आनंद बाबू भामोरे, प्रदेश सचिव हाजी नजीर खान बी.के., अल्पसंख्यक प्रदेश उपाध्यक्ष नसीम खान पप्पू सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन सलीम भाई मिरावाले ने किया.
इस अवसर पर संजय वाघ, मंगेश ठाकरे, प्रवीण नवरंगे, प्रशांत महल्ले, वंदना थोरात, मैथिली पाटील, अनिला काजी, कांचन खोडके, अर्चना आत्राम, राजश्री जढाले, मालता गवई, सुनीता भेले, प्रवीण नवरंगे, किशोर जढाले, प्रा. प्रवीण इंगले, प्रा. सुभाष गावंडे, फैय्याजोद्दीन खान, प्रताप मदनानी, राजीव उर्फ मनोज भेले, अविनाश पांडे, प्रकाश पांडे, अमर भुयार, निसार खान जे.के., डॉ. फिरोज खान, सैयद जावेद, अमीर शेख, आयुष मेंढे, कुणाल खरचे, प्रितम रायबोले, उत्कर्ष लोणकर, राहुल सिरसाट, हुसैन खान, प्रदीप शेवतकर, अमोल महल्ले, अनिल अग्रवाल, घनश्याम राठी, सुनील जैन, नितिन मोहोड, शशि चौधरी, रमेश खाडे, गणेश वडुरकर, आसिफ अली, मानिक लोखंडे, अफीक गनिवाल, कार्तिक कराड, प्रणव तायडे, कृष्णा मातकर, शेरपट सुरमपार, प्रदीप अरबट, अमित गावंडे सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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