अमरावती में बारिश नदारद ‘’
औसत से 33% कम

* सूखे के आसार
अमरावती/दि.22 – विदर्भ में अगस्त माह लगभग सूखा जाने से सभी चिंतित है. विशेषकर कृषक वर्ग को फिक्र है कि बारिश के नदारद होने से इस बार फसलें पकेगी भी या नहीं. अमरावती जिले में ही सर्वाधिक 33% कमी दर्ज की गई है. जबकि केवल अगस्त माह की बात करें तो इस बार 87% बरसात का घाटा है. विदर्भ में अमरावती के बाद अकोला, नागपुर और यवतमाल का नंबर बताया जा रहा है. शासकीय एजेंसी के आंकडों से इस बार सूखे के अंदेशे की आशंका बढ गई है.
अमरावती में सामान्य तौर पर 603 मिमी बरसात होती है. इस बार 401 मिमी बारिश अब तक दर्ज हुई है. ऐसे ही अकोला में 512 की जगह केवल 372 मिमी, वाशिम में 568 की जगह मात्र 445 मिमी बारिश हुई है. अगस्त माह की बात करें तो घाटा और भी भयावह हो चला है. 21 अगस्त तक समस्त विदर्भ में 21 प्रतिशत बारिश का घाटा रहने की जानकारी सरकारी आंकडों से दी गई है. अकेले अगस्त में ही 210 मिलीमीटर के स्थान पर मात्र 67 मिलीमीटर समस्त विदर्भ में दर्ज हुई है. जून से अगस्त तक बारिश का काफी घाटा होने से खेती किसानी पर बडा प्रभाव देखा जा रहा है.
विदर्भ में जून-21 अगस्त तक बरसात
जिला हुई औसत हानि
अमरावती 401 मिमी 603 मिमी 33%
अकोला 372 मिमी 512 मिमी 27%
वाशिम 445 मिमी 568 मिमी 22%
बुलढाणा 473 मिमी 459 मिमी 3%
यवतमाल 547 मिमी 607 मिमी 10%
वर्धा 490 मिमी 619 मिमी 21%
नागपुर 487 मिमी 690 मिमी 29%





