गंभीर नवजात शिशुओं को तत्काल भर्ती कर नि:शुल्क उपचार दें

जिलाधिकारी के सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश

* जिला महिला अस्पताल में आग की घटना के बाद प्रशासन ने उठाए कदम
अमरावती /दि.31 – जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग में लगी भीषण आग की घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए हैं. आग से अतिदक्षता वार्ड को भारी नुकसान हुआ है. वैकल्पिक व्यवस्था होने तक नवजात शिशुओं के उपचार में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं.
जिला महिला अस्पताल और जिला सामान्य अस्पताल से भेजे जाने वाले गंभीर नवजात शिशुओं एवं बाल रोगियों को उपलब्ध अतिदक्षता विभाग में बेड की उपलब्धता के अनुसार तत्काल भर्ती कर जीवनरक्षक उपचार शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. केवल आर्थिक परेशानी या पैसे की कमी के कारण किसी गंभीर मरीज का उपचार नहीं रोका जाए और न ही उसे भर्ती करने से इनकार किया जाए. सबसे पहले मरीज की स्थिति स्थिर करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मादाय अस्पताल योजना जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों के परिजनों को सहयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

* आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने अथवा उपचार में जानबूझकर देरी या टालमटोल करने पर संबंधित अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आपात स्थिति को देखते हुए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के साथ पूर्ण सहयोग करने और नवजात मरीजों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.

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