आरटीई के बकाया भुगतान पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
19 स्कूलों को मिली राहत

अकोला/दि.24 – बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के तहत 25% आरक्षित कोटे में प्राइवेट स्कूलों में एडमिट छात्रों की बकाया फीस के तुरंत वेरिफिकेशन और रिइम्बर्समेंट का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि रिइम्बर्समेंट की प्रक्रिया 4 हफ्ते में पूरी कर कोर्ट को सूचित किया जाए. इस फैसले से 19 स्कूलों को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने सभी स्कूलों की दलीलें सहानुभूतिपूर्वक सुनीं और माना कि रिइम्बर्समेंट प्राप्त करना इन स्कूलों का अधिकार है. आदेश में राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई कर रिइम्बर्समेंट प्रदान करने का निर्देश दिया गया है.
* याचिका दायर करने वाले 19 स्कूल
हाईकोर्ट में संयुक्त याचिका दायर करने वाले स्कूलों में शामिल हैं. न्यू विजन स्कूल, बालापुर; संत गजानन इंग्लिश मीडियम स्कूल, पारस; श्रीमती कमलाबाई सिखची एजुकेशन एकेडमी, दर्यापुर; संपतराव पाटिल म्हसाए प्राइमरी इंग्लिश स्कूल, मुर्तिजापुर; श्री बालादेवी इंग्लिश स्कूल, पातूर; व्यंकटेश बालाजी इंग्लिश स्कूल, पिंजर; इंटरनेशनल स्कूल ऑफ इंटेलिजेंस एजुकेशन, मुर्तिजापुर; गुरुकुल इंग्लिश मीडियम स्कूल, वाडेगांव; फ्रीडम इंग्लिश स्कूल, अकोट; शांतिनिकेतन इंग्लिश प्राइमरी स्कूल, मुर्तिजापुर; किड्स प्लैनेट स्कूल, अकोट; किड्स पैराडाइज इंग्लिश स्कूल, पातूर; ब्लॉसम किड्स स्कूल, बालापुर; एकलव्य इंग्लिश स्कूल, कांशिवनी; बाल शिवाजी इंग्लिश स्कूल, महान; कुलस्वामिनी चंडिका देवी प्राइमरी इंग्लिश स्कूल, कुरणखेड; स्वामी विवेकानंद ज्ञानपीठ, तेल्हारा; श्रीमती सरला राम काकानी एजुकेशन एकेडमी, मुर्तिजापुर और व्यंकटेश बालाजी स्कूल, मुर्तिजापुर. याचिकाकर्ता स्कूलों की ओर से एडवोकेट वल्लभ नरे और एडवोकेट ए. पी. भुइभार ने दलीलें पेश कीं. फैसले पर मेस्टा एसोसिएशन की ओर से किरण चौधरी ने संतोष व्यक्त किया है.




