पीएचसी में डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल

कागजी रिकॉर्ड अब पुरानी बात, 37 रिकॉर्ड हमेशा के लिए बंद

अब पीएचसी और उपकेंद्रों में केवल 93 आधिकारिक रिकॉर्ड होंगे
अमरावती/दि.9 – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में कागजी रिकॉर्ड संभालने के झंझट से स्वास्थ्य कर्मचारियों को राहत मिलने जा रही है. सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 37 प्रकार के रिकॉर्ड हमेशा के लिए बंद करने का निर्णय लिया है. अब पीएचसी और उपकेंद्र स्तर पर निर्धारित 93 आधिकारिक रिकॉर्ड ही मेंटेन किए जाएंगे.
स्वास्थ्य विभाग ने 22 सितंबर 2026 को इस संबंध में निर्णय जारी किया है.. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मचारियों पर बढ़ते कागजी काम का बोझ कम करना और मरीजों से जुड़ी जानकारी को एकीकृत डिजिटल सिस्टम में दर्ज करना है.

* ओपीडी से लेकर डेंगू-मलेरिया तक के रजिस्टर बंद
नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग योजनाओं और स्वास्थ्य अभियानों के लिए बार-बार एक ही तरह की जानकारी अलग-अलग रजिस्टरों में दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी. ओपीडी, डेंगू, मलेरिया, मिशन इंद्रधनुष और निजी सर्जरी जैसे विभिन्न रिकॉर्ड के लिए इस्तेमाल होने वाले पुराने रजिस्टरों को बंद किया जा रहा है. इससे स्वास्थ्य कर्मचारियों का समय कागजी रिकॉर्ड तैयार करने के बजाय मरीजों की सेवा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में लगाया जा सकेगा.

* 49 रिकॉर्ड भी किए जाएंगे समेकित
विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, बीमारी नियंत्रण कार्यक्रमों और मरीजों की देखभाल से संबंधित रिकॉर्ड को एक साथ समेकित किया जा रहा है. इसके बाद अलग-अलग रजिस्टरों में समान जानकारी दोहराने की जरूरत नहीं होगी. नई व्यवस्था के अनुसार 93 आधिकारिक रिकॉर्ड की सूची निर्धारित की गई है. इसके अलावा अतिरिक्त रिकॉर्ड रखने की अनुमति नहीं होगी.

* पुराने रिकॉर्ड का होगा डिजिटलीकरण
बंद किए जा रहे पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से डिजिटल स्वरूप में दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं. कानूनी और ऑडिट की दृष्टि से आवश्यक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी की होगी. इससे पुराने दस्तावेजों की जानकारी भविष्य में जरूरत पड़ने पर डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो सकेगी.

* कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिले में एक समन्वय अधिकारी नियुक्त किया जाएगा. इसके अलावा पीएचसी और उपकेंद्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी. प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को नए रिकॉर्ड सिस्टम, डिजिटल प्रविष्टि और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी.

* अब केवल ऑनलाइन प्रविष्टि पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की डिजिटल व्यवस्था के तहत विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी कंप्यूटर आधारित सिस्टम में दर्ज करना अनिवार्य किया जा रहा है. ऑनलाइन प्रविष्टि की व्यवस्था मजबूत होने के साथ कागजी रजिस्टरों पर निर्भरता कम होगी.

* एक ही सिस्टम में स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड
नई व्यवस्था में पीएचसी और उपकेंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी को निर्धारित रिकॉर्ड और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से व्यवस्थित किया जाएगा. इससे रिकॉर्ड का दोहराव कम होने के साथ जानकारी प्राप्त करना और उसका विश्लेषण करना भी आसान होगा.

* नई व्यवस्था का उद्देश्य
स्वास्थ्य कर्मचारियों का कागजी काम कम करना, एक ही जानकारी को कई रजिस्टरों में दर्ज करने की जरूरत खत्म करना, स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड डिजिटल करना, पुराने जरूरी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना, पीएचसी और उपकेंद्रों में रिकॉर्ड व्यवस्था को एकरूप बनाना, ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं की प्रविष्टि को बढ़ावा देना आदि है. स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से अमरावती जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में रिकॉर्ड रखने की पारंपरिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.

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