उच्च शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी ‘सीएम-सृष्टि’ योजना

राज्य सरकार की मंजूरी, उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने दी जानकारी

* 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू होगी योजना
* कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर हरित हाइड्रोजन तक के क्षेत्रों पर रहेगा जोर
मुंबई /दि. 9– महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास और उत्कृष्टता केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए ‘सीएम-सृष्टि’ योजना लागू करने को मंजूरी दी है. इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने शासनादेश जारी किया है. योजना पांच वर्षों तक, शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने बताया कि इस योजना में राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, सरकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों, पुणे स्थित रसायन प्रौद्योगिकी संस्थान के अभियांत्रिकी महाविद्यालय तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को शामिल किया गया है.
* आधुनिक तकनीकों में अनुसंधान को प्राथमिकता
योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालयों और अन्य पात्र संस्थानों में आधुनिक तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में अनुसंधान को प्राथमिकता दी जाएगी. इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम तकनीक, अर्धचालक, ड्रोन, दूरसंचार, हरित हाइड्रोजन, उन्नत सामग्री और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल हैं. सरकार की इस पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना, तकनीकी विकास को गति देना तथा उत्कृष्टता केंद्रों को प्रोत्साहित करना है. पांच वर्षीय अवधि में योजना के माध्यम से राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और शोध गतिविधियों को नई दिशा देने पर जोर रहेगा.

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