शहर में पेयजल संकट की स्थिति नहीं

विधायक सुलभा खोडके ने कहा

मजीप्रा को सुचारु जलापूर्ति के लिए सूक्ष्म नियोजन के दिए निर्देश
नागरिकों से की पानी बचाने की अपील
अमरावती/दि.9 – अल-नीनो के प्रभाव के चलते अमरावती शहर में संभावित सूखे और भीषण जलसंकट की अफवाहों के बीच विधायक सुलभा संजय खोडके ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) कार्यालय में बैठक लेकर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि, फिलहाल अमरावती शहर में सूखे जैसी कोई स्थिति नहीं है. साथ ही मजीप्रा प्रशासन को शहर के सभी क्षेत्रों में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति के लिए सूक्ष्म नियोजन करने के निर्देश दिए.
बैठक में जानकारी दी गई कि, अमरावती शहर को अपर वर्धा बांध से पानी की आपूर्ति होती है. मजीप्रा ने शहर के लिए 58 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित किया है. जबकि सालभर में करीब 55 मिलियन घनमीटर पानी की आवश्यकता होती है. वर्तमान में बांध में 330 मिलियन घनमीटर जलसाठा उपलब्ध है. इसके चलते वर्ष 2027 की गर्मियों तक शहर में पेयजल की कमी की स्थिति बनने की संभावना नहीं बताई गई. विधायक खोडके ने कहा कि, शहर के अर्जुन नगर, रहाटगांव, वेंकय्यापुरा, बिच्छू टेकडी, महेंद्र कॉलोनी और सिद्धार्थ नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में पाइप लाइन कार्य, पुरानी पाइप लाइन तथा केबल के लिए खुदाई के कारण जलापूर्ति बाधित होने की शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने मजीप्रा को रखरखाव एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाकर शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए.
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य संजय खोडके, मजीप्रा के कार्यकारी अभियंता विवेक सोलंके, उपविभागीय अभियंता संजय लेवरकर, उपअभियंता मनोज वाकेकर, जलसंपदा विभाग के अधिकारी राजभोग, मनपा शहर अभियंता श्रीधर कांबले सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, पदाधिकारी व नगरसेवक उपस्थित थे. विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने कहा कि, अप्पर वर्धा बांध में पर्याप्त जलसाठा उपलब्ध होने के बावजूद नागरिकों पर पानी कटौती का संकट नहीं थोपा जाना चाहिए. बढती आबादी और दैनिक जरुरतों को देखते हुए जलापूर्ति का प्रभावी नियोजन जरुरी है. उन्होंने कहा कि, सूखे की स्थिति में व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित पानी में कटौती की जा सकती है. लेकिन नागरिकों के पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. विधायक सुलभा खोडके ने नागरिकों से भी पानी का अपव्यय रोकते हुए आवश्यकता के अनुसार मितव्ययिता से पानी का उपयोग करने की अपील की है.

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