अवैध साहूकारी के खिलाफ अकोला में 28 ठिकानों पर छापेमारी
230 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी अभियान में शामिल

ब्लैंक चेक, बॉन्ड, संपत्ति के दस्तावेज और हिसाब-किताब की डायरियां जब्त
अकोला /दि.10- अकोला शहर में अवैध साहूकारी के खिलाफ सहकारिता विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 ठिकानों पर छापेमारी की. जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्थाएं, अकोला के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में संदिग्ध साहूकारों के घरों, कार्यालयों और अन्य स्थानों की जांच की. इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं. अभियान में 230 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए. इसे अमरावती संभाग में सहकारिता विभाग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक बताया जा रहा है.
शहर में अवैध रूप से ब्याज पर पैसे देने और इसके जरिए लोगों का आर्थिक शोषण किए जाने की शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई. महाराष्ट्र साहूकारी अधिनियम, 2014 की धारा 16 के तहत कुल 11 शिकायतों के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया. इस कार्रवाई में अकोला, अमरावती, वाशिम और बुलढाणा जिलों के प्रशासन तथा लेखा परीक्षा विभाग के 120 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए. इनके अलावा 40 दंडाधिकारी, 22 पुलिस अधिकारी और 44 पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों ने भी हिस्सा लिया. पूरी कार्रवाई पुलिस सुरक्षा और दंडाधिकारियों की मौजूदगी में की गई.
* शहर के विभिन्न इलाकों में छापे
अवैध साहूकारी की शिकायतों के आधार पर टीमों ने मलकापुर, गांधी रोड, गोरक्षण रोड, गीतानगर, गोंडपुरा, रमेशनगर चौक, वीएचबी कॉलोनी, आनंदनगर, बाजोरिया लेआउट, गुरुदेव नगर, बालापुर नाका, देशमुख फैल, कॉटन मार्केट, अलशी प्लॉट, रणपिसे नगर, सिंधी कैंप, कृषि उपज मंडी परिसर, मोती उमरी और कपिलवस्तु नगर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की. इस दौरान संबंधित लोगों के वित्तीय लेन-देन, कर्ज के रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई. अधिकारियों ने शिकायतों से संबंधित अभिलेखों और अन्य संदिग्ध दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया.
* ब्लैंक चेक और संपत्ति के दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान टीमों को कई तरह के संदिग्ध दस्तावेज मिले. इनमें ब्याज की रसीदें, खाली चेक, खाली बॉन्ड, मूल एवं अन्य खरीद संबंधी दस्तावेज, डायरियां, कब्जा रसीदें, बिक्री रसीदें, समझौते, बंधक संबंधी दस्तावेज, सातबारा उतारे, नकदी और हिसाब-किताब की किताबें शामिल हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच और सत्यापन किया जाएगा. यदि जांच में अवैध साहूकारी की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
* वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
इस अभियान को अमरावती संभाग के सहकारी संस्थाओं के विभागीय संयुक्त निबंधक गौतम वर्धन, अकोला की जिलाधिकारी वर्षा मीणा और जिला पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक का मार्गदर्शन मिला. अमरावती के जिला उपनिबंधक राजेश भुयार, बुलढाणा के जिला उपनिबंधक डॉ. महेंद्र चव्हाण और वाशिम के जिला उपनिबंधक एम. एस. लटपटे ने भी अपने-अपने जिलों से अधिकारी एवं कर्मचारी उपलब्ध कराए. अभियान की योजना अकोला तहसील की उपनिबंधक ज्योति मालिये-राउत ने तैयार की थी. सहायक निबंधक स्वरूपा धूमल, कार्यालय अधीक्षक राहुल ओइम्बे, अनिल मनवर, सहकार अधिकारी मनोज सोनुलकर, विनोद खंडारे और कनिष्ठ लिपिक आशीष घाटोले सहित विभिन्न टीमों के प्रमुखों एवं कर्मचारियों ने कार्रवाई में सहयोग किया.
* पीड़ितों से शिकायत करने की अपील
जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्थाएं, अकोला ने अवैध साहूकारी से परेशान नागरिकों और किसानों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि अकोला और वाशिम जिलों में अवैध साहूकारों से परेशान लोग अपनी शिकायतें संबंधित कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं. शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन भी दिया गया है. विभाग का कहना है कि शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि अवैध साहूकारी के जरिए आर्थिक परेशानी झेल रहे लोगों को राहत मिल सके.





