हिंगणी मिर्जापुर के भवानी माता मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

सैकड़ों साल पुरानी परंपरा के साथ नवरात्रि उत्सव की धूम

नौ दिनों तक भागवत कथा और महाप्रसाद का आयोजन
दर्यापुर /दि.15- अमरावती जिले के दर्यापुर तहसील के हिंगणी मिर्जापुर गांव में स्थित प्राचीन मां भवानी माता जगदंबा मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. सैकड़ों साल पुरानी धार्मिक परंपरा को संजोए इस मंदिर में हर साल की तरह इस वर्ष भी नवरात्रि उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में भक्त मां भवानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
रविवार 11 अक्टूबर को दिलीप पाटिल गावंडे के हाथों मंदिर का उद्घाटन किया गया. इसके साथ ही नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ हुआ. मंदिर परिसर में नौ दिनों तक भागवत कथा और महाप्रसाद का आयोजन किया जा रहा है. गांव के अन्नदाताओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है. वहीं, अष्टमी के दिन व्रत रखने वाले भक्तों के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी दानदाताओं द्वारा की जाती है.
* पूर्णा और काटेपूर्णा नदियों के संगम पर स्थित है मंदिर
हिंगणी मिर्जापुर गांव की धार्मिक पहचान पूर्णा और काटेपूर्णा नदियों के संगम से जुड़ी है. पूर्णा नदी के किनारे कई वर्ष पहले मां भवानी माता का मंदिर स्थापित किया गया था. संगम के कारण इस गांव को हिंगणी मिर्जापुर के नाम से जाना जाता है. प्राचीन इमारत में स्थित यह मंदिर आकार में छोटा है, लेकिन इसकी धार्मिक महत्ता दूर-दूर तक फैली हुई है. मंदिर की घेराबंदी की गई है और परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर रखा गया है. मंदिर के दक्षिण दिशा में पूर्णा नदी बहती है, जबकि पूर्व और उत्तर दिशा में खुला क्षेत्र है. यहां पुराने इमली और नींबू के पेड़ भी हैं. इनके पास महादेव का पिंड और नंदी मंदिर स्थित है. इसके अलावा मंदिर परिसर में गणपति, पार्वती, हनुमान तथा विट्ठल-रुक्मिणी के मंदिर भी हैं. प्राकृतिक वातावरण और शांत परिसर में दर्शन करने से श्रद्धालुओं को सुकून मिलता है.
* नौ दिनों तक भागवत कथा और अन्नदान
नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. नौ दिनों तक चलने वाले महाप्रसाद के आयोजन में गांव के नागरिक और दानदाता सहयोग देते हैं. अन्नदान की इस परंपरा के कारण बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया जाता है. पौष महीने में भी मंदिर में भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जाता है. मंदिर परिसर के विकास का काम भी लगातार जारी है. पूर्णा नदी के किनारे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़ा घाट बनाया गया है. बाहर से दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है. इससे मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलती है.
* चार वर्षों से शेगांव तक निकाली जा रही पैदल पालकी
हिंगणी मिर्जापुर के जगदंबा देवी मंदिर से शेगांव स्थित श्री संत गजानन महाराज मंदिर तक पिछले चार वर्षों से पैदल पालकी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है. हर साल करीब 500 से 600 श्रद्धालु पैदल शेगांव पहुंचकर संत गजानन महाराज के दर्शन करते हैं. दर्शन के बाद गांव लौटने पर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का आयोजन किया जाता है. नवरात्रि उत्सव के दौरान पूरा गांव भक्तिभाव और उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी होता है. मंदिर की सेवा और उत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी ट्रस्ट संगमेश्वर मंदिर, हिंगानी मिर्जापुर के पदाधिकारी बालासाहेब हिंगणीकर और उनके 15 सहयोगी संभाल रहे हैं. सरपंच एवं देवी भक्त विशाल पाटिल गावंडे ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि उत्सव का समापन मंगलवार 20 अक्टूबर को होगा.

 

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