55 साल की उम्र में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमोशन का मौका
सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ

* हाईकोर्ट ने 50 साल की उम्र सीमा को किया रद्द
अमरावती/दि.8- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. अब 50 से 55 वर्ष की आयु वाली योग्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति के लिए अवसर मिलेगा. बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से 3 जुलाई 2026 को जारी किए गए शासन निर्णय में निर्धारित 50 वर्ष की आयु सीमा को रद्द करते हुए सरकार को अधिकतम 55 वर्ष की आयु सीमा के साथ नया विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए हैं.
हाईकोर्ट के इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहीं वरिष्ठ और अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सुपरवाइजर बनने का रास्ता खुल गया है.
* 50 साल की उम्र सीमा को कोर्ट ने किया रद्द
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 4 जून 2021 को जारी सेवा प्रवेश नियमों में सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति के लिए आयु सीमा में बदलाव किया गया था. बाद में 3 जुलाई 2026 के शासन निर्णय के आधार पर 50 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा निर्धारित की गई थी. इस निर्णय को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के संगठन की ओर से मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में चुनौती दी गई थी. सुनवाई के बाद न्यायालय ने 50 वर्ष की आयु सीमा को रद्द करते हुए 55 वर्ष तक की योग्य कार्यकर्ताओं को पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए हैं.
* सैकड़ों वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को फायदा
हाईकोर्ट के आदेश से जिले सहित राज्य की बड़ी संख्या में वरिष्ठ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राहत मिलने की संभावना है. हालांकि, पदोन्नति के लिए निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा. इनमें कम से कम 10 वर्ष तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में सेवा की शर्त भी शामिल है. इस निर्णय के कारण 50 से 55 वर्ष की आयु के बीच की वे कार्यकर्ता भी सुपरवाइजर पद के लिए आवेदन कर सकेंगी, जो अनुभव और अन्य निर्धारित सेवा पात्रता पूरी करती हैं.
* नए सिरे से विज्ञापन जारी करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने सरकार को 55 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा को ध्यान में रखते हुए नया विज्ञापन जारी करने और पात्र उम्मीदवारों से आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले 50 वर्ष की आयु सीमा के कारण पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर हो रही कार्यकर्ताओं को अब अवसर मिलने की उम्मीद है.
* 65 वर्ष तक सेवा, फिर भी प्रमोशन में अड़चन
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें 65 वर्ष की आयु तक सेवा करने का अवसर दिया गया है, लेकिन सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति के लिए उम्र सीमा कम रखे जाने से कई अनुभवी कार्यकर्ता इससे वंचित हो रही थीं. आंगनवाड़ी एवं किंडरगार्टन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष महेश जाधव ने कहा कि 55 वर्ष की आयु सीमा किए जाने से कार्यकर्ताओं के लिए पदोन्नति का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन शैक्षणिक पात्रता में किए गए बदलाव के कारण कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है.
* शैक्षणिक पात्रता में भी बदलाव
कार्यकर्ता संगठन के मुताबिक पहले सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति के लिए 10वीं पास की शैक्षणिक पात्रता थी. अब इसे बढ़ाकर स्नातक किए जाने से कई अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदोन्नति की दौड़ से बाहर हो गई हैं. संगठन का कहना है कि यदि उम्र सीमा बढ़ाने के साथ पहले वाली शैक्षणिक पात्रता बरकरार रहती, तो अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं को इसका लाभ मिल सकता था. हाईकोर्ट के निर्णय के बाद अब 55 वर्ष तक की पात्र आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति का रास्ता खुल गया है. इससे वर्षों से आंगनवाड़ी सेवा में कार्यरत वरिष्ठ कर्मचारियों में उम्मीद जगी है.





