स्कूलों में एप्रन-टोपी अनिवार्य, जंक फूड पर रोक

तुकाराम मुंढे की चेतावनी का असर, जागा शिक्षा विभाग

वर्धा /दि.2- अन्न की शुद्धता और स्वच्छता को लेकर अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे की सख्ती का असर अब स्कूलों में भी दिखाई देने लगा है. उनके निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं. प्राथमिक शिक्षा संचालनालय की ओर से जारी परिपत्रक में स्कूलों में पोषण आहार तैयार करने वाले रसोइयों और सहायकों के लिए एप्रन और टोपी पहनना तथा हाथ धोना अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा स्कूल परिसर के आसपास जंक फूड की बिक्री पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं.
* स्वच्छ वातावरण में दिया जाएगा पोषण आहार
पोषाहार योजना के तहत कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन वाला भोजन दिया जाता है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को यह भोजन स्वच्छ वातावरण में ही परोसा जाए. रसोईघर, बर्तन और पीने के पानी की टंकी की नियमित सफाई की जाए. विद्यार्थियों को मिट्टी या मैदान में बैठाकर भोजन न दिया जाए, बल्कि बरामदे या अन्य स्वच्छ स्थान पर बैठाकर भोजन कराया जाए.
* रसोइयों के लिए एप्रन और टोपी जरूरी
पोषण आहार तैयार करने वाले रसोइयों और सहायकों को एप्रन और टोपी पहनना अनिवार्य किया गया है. भोजन तैयार करने से पहले और बाद में हाथों की स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं. जिले के लिए निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन तैयार करना होगा. सप्लायर से प्राप्त चावल और अन्य अनाज स्वीकार करने से पहले उसकी गुणवत्ता और वजन की जांच करना भी अनिवार्य होगा.
* भोजन की चखकर होगी जांच
विद्यार्थियों को भोजन परोसने से पहले माता-पिता में से किसी को बुलाकर भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं. भोजन चखने के बाद उनकी प्रतिक्रिया को ‘चव नोंद रजिस्टर’ में दर्ज करना होगा.
* अचानक जांच करेंगी भरारी टीमें
खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के नियमों के अनुसार स्कूल परिसर में खाद्य सुरक्षा संबंधी सूचना फलक लगाना होगा. जिला और तहसील स्तर की भरारी टीमें स्कूलों में अचानक पहुंचकर पोषण आहार की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच करेंगी. इसके साथ ही विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति और वास्तव में भोजन लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी चऊच् पोर्टल पर दर्ज करनी होगी. खाद्यान्न का स्टॉक, खर्च और अन्य लेखे भी नियमित रूप से अपडेट रखने होंगे.
* स्कूल के 50 मीटर दायरे में जंक फूड पर रोक
शिक्षा विभाग ने स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर भी सख्ती दिखाई है. स्कूल परिसर से 50 मीटर के दायरे में अधिक वसा, चीनी और नमक वाले एचएफएसएस खाद्य पदार्थ तथा प्रतिबंधित जंक फूड की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी. इस संबंध में स्कूल के प्रमुख स्थान पर सूचना फलक लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को इसकी जानकारी मिल सके.

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