उफनती नदी में बही कार, शिक्षिका सहित दो मासूम बेटियों के शव बरामद

यवतमाल में दर्दनाक त्रासदी

* पुल पर बह रहे पानी को पार करने की कोशिश बनी काल
* पेड़ का सहारा लेकर बचा पिता, मां-बेटियों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक
यवतमाल/दि.31- विदर्भ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच यवतमाल जिले के दारव्हा तहसील से सामने आई दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. दहेली गांव के समीप अडान (कुपटी) नदी के उफनते प्रवाह में बह गई इर्टिगा कार में सवार शिक्षिका माधवी खंडारे और उनकी दो मासूम बेटियों प्राची तथा साची खंडारे की मौत हो गई. प्रशासन और बचाव दल द्वारा चलाए गए युद्धस्तरीय खोज अभियान के बाद तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं. इस हादसे में परिवार के मुखिया अविनाश खंडारे किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे.
* पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहा था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार दारव्हा तहसील के लोणी निवासी अविनाश खंडारे अपनी पत्नी माधवी खंडारे तथा दोनों बेटियों के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे. परिवार रालेगांव क्षेत्र से अपने गांव की ओर जा रहा था. शुक्रवार तड़के करीब 12 बजे जब वे दहेली गांव के पास अडान नदी के पुल पर पहुंचे, तब पुल के ऊपर से तेज गति से बाढ़ का पानी बह रहा था. बताया जाता है कि पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वाहन अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और कुछ ही क्षणों में तेज धारा में बह गया. देखते ही देखते इर्टिगा कार नदी के उफनते पानी में समा गई.
* पेड़ ने बचाई पिता की जान, मां-बेटियां नहीं बच सकीं
हादसे के दौरान अविनाश खंडारे ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए कार की खिड़की खोलकर बाहर निकलने में सफलता हासिल की. बहाव में बहते हुए उन्होंने नदी किनारे एक पेड़ की शाखा पकड़ ली और उसी के सहारे अपनी जान बचाई. लेकिन उनकी पत्नी माधवी और दोनों बेटियां वाहन से बाहर नहीं निकल सकीं और बाढ़ की तेज धारा में बह गईं.
* रातभर चला सर्च ऑपरेशन, आखिरकार मिले शव
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंच गए. पूरी रात नदी किनारे और बहाव वाले क्षेत्रों में सघन खोज अभियान चलाया गया. लगातार बारिश और नदी के तेज प्रवाह के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा. कई घंटों की तलाश के बाद बचाव दल को सफलता मिली और शिक्षिका माधवी खंडारे तथा उनकी दोनों बेटियों प्राची और साची के शव बरामद कर लिए गए. शव मिलने की खबर के साथ ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.
* शिक्षिका की मौत से शिक्षा जगत में शोक
मृतक माधवी खंडारे लोणी स्थित आश्रम शाला में मानधन आधार पर शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं. उनके असामयिक निधन से शिक्षा जगत, सहकर्मियों और विद्यार्थियों में गहरा दुःख व्याप्त है. ग्रामीणों ने बताया कि माधवी अपने सौम्य स्वभाव और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं.
* विदर्भ में बारिश बनी जानलेवा
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण यवतमाल सहित अमरावती, वर्धा, वाशिम, बुलढाणा और अन्य जिलों में नदियां-नाले उफान पर हैं. कई पुल जलमग्न हो चुके हैं तथा अनेक गांवों का संपर्क टूट गया है. प्रशासन लगातार लोगों को सतर्क रहने और जलमग्न मार्गों से दूर रहने की अपील कर रहा है.

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