एआई और ग्रीन टेक्नोलॉजी से 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने पर मंथन
21-22 अगस्त को अमरावती में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स का राष्ट्रीय सम्मेलन

* देशभर से आए 100 से अधिक शोधपत्रों का होगा प्रस्तुतीकरण
* पत्रकार परिषद में पार्षद डॉ. संजय शिरभाते ने दी जानकारी
अमरावती/दि.19 – इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स अमरावती सेंटर की ओर से 21 और 22 अगस्त को अमरावती में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. अभियंता भवन में आयोजित इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक तकनीकी उपायों पर देशभर के विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे. यह जानकारी बुधवार को आयोजित पत्रकार परिषद में डॉ. संजय शिरभाते व अन्य पदाधिकारियों ने दी.
पत्रकार परिषद में बताया गया कि, सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का सटीक अनुमान लगाने, बिजली के बेहतर उपयोग तथा मजबूत वितरण नेटवर्क के निर्माण में एआई तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा करना है. इसके साथ ही पारंपरिक कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट पर निर्भरता कम करते हुए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जलविद्युत जैसे गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा.
* 100 से अधिक तकनीकी शोधपत्रों का प्रस्तुतीकरण
सम्मेलन के लिए देशभर में उद्योग, अनुसंधान और अकादमिक क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियरों से संबंधित विषयों पर 100 से अधिक तकनीकी शोधपत्र प्राप्त हुए हैं. इन शोधपत्रों का सम्मेलन के दौरान प्रस्तुतीकरण और प्रकाशन किया जाएगा. एआई आधारित बिजली मांग का अनुमान, ऊर्जा दक्षता, वितरण व्यवस्था और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार और शोध साझा करेंगे. आयोजकों ने बताया कि ग्रीन टेक्नोलॉजी के माध्यम से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने से वातावरण में हानिकारक गैसों के उत्सर्जन को घटाने में मदद मिल सकती है. इसी दिशा में नई तकनीक और इंजीनियरिंग समाधानों की भूमिका पर सम्मेलन में विस्तार से चर्चा होगी.
* उद्घाटन समारोह में प्रमुख अतिथि
आयोजकों ने बताया कि, सम्मेलन का उद्घाटन समारोह 21 अगस्त को सुबह अमरावती विद्यापीठ के प्र-कुलगुरु डॉ. महेंद्र ढोरे के हाथों होगा. वहीं दोपहर के सत्र में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं अमरावती जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. इस अवसर पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कोठारी की ओर से बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इंजीनियरों का सम्मान किया जाएगा.
* चार प्रतिष्ठित इंजीनियरों का विशेष सम्मान
राष्ट्रीय सम्मेलन में बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चार प्रमुख व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा. इनमें महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के निदेशक राजेंद्र पवार, एनआईटी ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) के निदेशक डॉ. मोहन आवारे, तमिलनाडु स्थित बीएचईएल के कार्यकारी संचालक अरुणमोझी तथा मराठवाड़ा के उद्यमी प्रताप पवार शामिल हैं.
* इंजीनियरिंग उत्पादों की प्रदर्शनी भी
सम्मेलन के साथ इलेक्ट्रिकल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी. इसके लिए इंजीनियर्स बिल्डिंग परिसर में विभिन्न कंपनियों और निर्माताओं के स्टॉल लगाए जाएंगे. उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधि यहां अपने उत्पादों और नई तकनीकों की जानकारी देंगे. आयोजकों ने उद्योगपतियों, इलेक्ट्रिकल क्षेत्र से जुड़े इंजीनियरों, इंजीनियरिंग विद्यार्थियों तथा तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखने वाले नागरिकों से सम्मेलन और प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. सम्मेलन के दौरान होने वाले तकनीकी व्याख्यानों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों तथा युवा इंजीनियरों को भी लाभ मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई. पत्रकार परिषद में डॉ. संजय शिरभाते सहित शरद मोहोड, राम विघे, गणेश बारब्दे, सुनील राठी, जीवन सदार, प्रदीप कोल्हे उपस्थित थे.





