डायलिटिक फुट को न करें नजरअंदाज
लापरवाही पड सकती है भारी

अमरावती/दि.23 – मधुमेह केवल ब्लड शुगर बढ़ाने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि इसका गंभीर असर पैरों की नसों और रक्त प्रवाह पर भी पड़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार, पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, घाव का देर से भरना या त्वचा का काला पड़ना डायबिटिक फुट के गंभीर संकेत हो सकते हैं. समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण बढ़ सकता है और गंभीर स्थिति में पैर काटने तक की नौबत आ सकती है.
* क्या है डायबिटिक फुट?
डायबिटिक फुट ऐसी स्थिति है, जिसमें लंबे समय तक डायबिटीज रहने के कारण पैरों में रक्त प्रवाह और नसों की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है. इससे पैरों में घाव, सूजन, संक्रमण और टिशू डैमेज की समस्या पैदा होती है. शुरुआत में छोटे घाव दिखाई देते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है.
* मुख्य लक्षण
पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी, घाव का धीरे-धीरे भरना, पैरों में सूजन, त्वचा का काला या नीला पड़ना, चलते समय दर्द होना, बार-बार संक्रमण होना, पैरों में संवेदना कम होना.
* किन कारणों से बढ़ता है खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक अनियंत्रित डायबिटीज, नसों का डैमेज (न्यूरोपैथी), रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज, पैरों की चोटों को नजरअंदाज करना, धूम्रपान और हाई ब्लड प्रेशर डायबिटिक फुट के प्रमुख कारण हैं.
* सबसे ज्यादा जोखिम किसे?
लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित मरीज, जिनका ब्लड शुगर नियंत्रण में नहीं रहता, धूम्रपान करने वाले लोग, जिनके पैरों में पहले अल्सर या घाव हो चुके हैं, बुजुर्ग मरीज, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी रोग से पीड़ित लोग.
* इलाज कैसे होता है?
डायबिटिक फुट के इलाज में ब्लड शुगर कंट्रोल करना सबसे जरूरी माना जाता है. इसके अलावा घाव की नियमित ड्रेसिंग, एंटीबायोटिक दवाएं, ब्लड सप्लाई सुधारने का उपचार, विशेष जूतों का उपयोग और गंभीर स्थिति में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है.
* किन बातों का रखें ध्यान?
ब्लड शुगर नियंत्रित रखें, रोजाना पैरों की जांच करें, पैर साफ और सूखे रखें, नंगे पैर चलने से बचें, आरामदायक और सही साइज़ के जूते पहनें, कोई भी घाव या लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
* गैंग्रीन का खतरा
जब पैरों में रक्त प्रवाह बहुत कम हो जाता है, तो टिशू मरने लगते हैं. इस स्थिति को ॠरपसीशपश कहा जाता है. इसमें संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है और कई मामलों में मरीज का पैर काटना पड़ सकता है.





