उच्च मांग और वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के डर से खाने के तेल के दाम बढ़े

अमरावती/दि.23- खाने के तेलों के दामों में तेज़ बढ़ोतरी देखी जा रही है. इसकी वजह मांग का बढ़ना और पश्चिम एशिया में यूएस-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का डर है. पिछले 10 दिनों में 15 किलो के टिन में विभिन्न खाने के तेलों के थोक दाम लगभग 70 से 80 रुपये बढ़ गए हैं.
थोक बाजार में सोयाबीन तेल का दाम बढ़कर 15 किलो टिन 2,510 रुपये हो गया है, जबकि 10 दिन पहले यह 2,430 रुपये था. विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ सोयाबीन तेल तक सीमित नहीं है. अन्य खाने के तेल भी प्रभावित हुए हैं. जैसे राइस ब्रांड तेल 10 दिन पहले 15 किलो टिन 2,330 रुपये था, अब बढ़कर 2,480-2,490 रुपये हो गया है.
इन दिनों खाने के तेलों के दाम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं. इसके कई कारण हैं जैसे मजबूत घरेलू मांग त्योहारी सीजन से पहले व्यापारियों की स्टॉकिंग, और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष जैसी भू-राजनीतिक तनातनी, जिससे आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है और शिपिंग लागत बढ़ गई है. इन कारणों से थोक बाजार में खाने के तेलों के दाम 70 से 80 रुपये तक बढ़ गए हैं, सीताराम ट्रेडिंग ऑयल्स प्रा. लि. के मालिक और ऑयल मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने ‘अमरावती मंडल’ से बात करते हुए कहा.
थोक बाजार में मूंगफली तेल का भाव 15 किलो टिन 2,830-2,840 रुपये, पाम तेल 2,489-2,490 रुपये और सनफ्लावर तेल 15 लीटर टिन 2,500 रुपये चल रहा है. वहीं खुदरा बाजार में सोयाबीन तेल 170 रुपये प्रति लीटर पाउच, मूंगफली तेल 195 रुपये प्रति लीटर पाउच, राइस ब्रान 168 रुपये प्रति लीटर पाउच और सनफ्लावर तेल 185 रुपये प्रति लीटर पाउच में मिल रहा है, उन्होंने बताया.

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