14 कंपनियों के लायसेंस रद्द करने की सिफारिश

कृषि आयुक्तालय करेगा कार्रवाई

* ‘सत्यता दर्शक’ बीजों में ही गडबडी
अमरावती /दि.23- पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के आदेश पश्चात कृषि विभाग अब एक्शन मोड पर आ गया है. अंकुरण क्षमता नहीं रहने वाले सोयाबीन बीजों के मामले में 14 कंपनियों के खिलाफ करीब 42 एफआयआर दर्ज किए गये है. खास बात यह भी रही कि ‘सत्यता दर्शक’ बीजों ने ही इस बार बुआई का सत्यानाश किया है. ऐसे में राज्य में स्थित कंपनियों के बीज लायसेंस रद्द करने के साथ-साथ अन्य राज्यों की कंपनियों के बीज विक्री लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश कृषि आयुक्तालय से करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
जिले में सोयाबीन बीजों में अंकुरण नहीं होने को लेकर मिली शिकायतों में से सर्वाधिक 10 एफआयआर जालना जिले की बुस्टर प्लांट जैनेटिक्स लिमिटेड नामक कपंनी के खिलाफ दर्ज हुई है. इस कंपनी के बीज बिक्री लाइसेंसस को रद्द करने की सिफारिश 11 जुलाई को प्रभारी एएसओ अर्चना निस्ताने द्बारा पुणे स्थित कृषि आयुक्तालय से की गई. इसके अलावा 8 एफआयआर दर्ज रहनेवाली रवि सीड्स एंड रिसर्च प्रा.लि. (रतलाम, म.प्र.) तथा 5-5 एफआयआर दर्ज रहनेवाली पार्श्व जैनेटिक्स इंडिया एलएलपी (पेटलवाड, झाबुआ) व इनोवेज एग्रो (इंदौर) इर परप्रांतीय कंपनियों के बीज विक्री लाइसेंस को रद्द करने की सिफारिश भी कृषि आयुक्त से की गई है.

* अप्रमाणित सैम्पल पायी गई और एफआयआर दर्ज हुई बीज कंपनियों का कोई मुलाहिजा नहीं किया जा रहा है. ऐसी कंपनियों का लायसेंस रद्द करने को लेकर कृिाष आयुक्तालय के पास सिफारिश भेजी गई है.
– राहुल सातपुते,
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी

* बुस्टर सहित परप्रांतीय कंपनियों ने दिया धोखा
अंकुरण क्षमता नहीं रहनेवाले सोयाबीन बीजों को लेकर सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त हुई है तथा सोयाबीन बीजों के ही सर्वाधिक सैम्पल अप्रमाणित पाए गये है. जिसके चलते 13 बीज कंपनियों के खिलाफ एफआयआर दर्ज की गई है. जिसमें करीब 11 कंपनियां मध्यप्रदेश से वास्ता रखती है. इसके अलावा इनमें महाराष्ट्र की दो व हरियाणा की एक बीज उत्पादक कंपनी का समावेश है. ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार के खरीफ सीजन में परप्रांतीय बीज उत्पादक कंपनियों ने महाराष्ट्र में बुआई का काफी हद तक सत्यानाश किया है.

* कार्रवाई की जिला स्थिति
अंकुरण नहीं होने की शिकायतें 2601
कंपनियों द्बारा किसानों को मुआवजा 333
कुल दर्ज एफआयआर 42
एफआयआर दर्ज रहनेवाली कंपनियां 14

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