विदर्भ में छह माह में 21.36 करोड़ रुपये की बिजली चोरी उजागर
5,151 बिजली कनेक्शनों की जांच में 1,311 मामलों में सीधी चोरी

* बकाया नहीं चुकाने वाले 111 उपभोक्ताओं पर दर्ज हुए मामले
अमरावती /दि.9 – विदर्भ में बिजली चोरी और अनधिकृत बिजली इस्तेमाल के खिलाफ महावितरण की कार्रवाई में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कुल 21 करोड़ 36 लाख रुपये के बिजली संबंधी गैर-व्यवहार उजागर हुए हैं. महावितरण के भरारी दस्तों ने इस छह महीने की अवधि में क्षेत्र के 5,151 बिजली कनेक्शनों की जांच की. इसमें सीधे बिजली चोरी के 1,311 मामले सामने आए. चोरी की निर्धारित राशि जमा नहीं करने वाले 111 उपभोक्ताओं के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज कराए गए हैं.
महावितरण की जांच में बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत 14 करोड़ 85 लाख रुपये की सीधी बिजली चोरी पकड़ी गई. वहीं, धारा 126 और अन्य प्रावधानों के तहत 481 मामलों में 6 करोड़ 50 लाख रुपये की अनियमितताएं सामने आईं. इन मामलों में निर्धारित राशि में से 15 करोड़ 83 लाख रुपये की वसूली करने में महावितरण को सफलता मिली है.
* मीटर से छेड़छाड़ और अवैध कनेक्शनों पर नजर
बिजली चोरी रोकने के लिए महावितरण ने विभागवार उड़न दस्तों को अधिक सक्रिय किया है. मीटर में फेरबदल, सीटी-पीटी उपकरणों से छेड़छाड़, इलेक्ट्रॉनिक बाईपास, सीधे बिजली लाइन से कनेक्शन लेने और अनधिकृत बिजली इस्तेमाल जैसे मामलों पर विशेष नजर रखी जाएगी. संदिग्ध बिजली कनेक्शनों की तत्काल गहन जांच की जाएगी. मीटर में छेड़छाड़ या बिजली चोरी के प्रमाण मिलने पर संबंधित मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी. महावितरण का उद्देश्य बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के साथ ही राजस्व की हानि रोकना है.
* अकोला मंडल सबसे आगे
बिजली चोरी और अनियमितताओं के मामलों में निर्धारित राशि के लिहाज से अकोला मंडल 327.30 लाख रुपये के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद वाशिम में 243.36 लाख, नागपुर शहर में 213.80 लाख और अमरावती में 185.56 लाख रुपये की अनियमितताएं निर्धारित की गईं. वहीं भंडारा मेें 156.60 लाख रुपये, चंद्रपुर मेें 145.39 लाख रुपये, नागपुर ग्रामीण मेें 127.59 लाख रुपये, बुलढाणा मेें 118.31 लाख रुपये, यवतमाल मेें 112.37 लाख रुपये, गोंदिया मेें 100.40 लाख रुपये, वर्धा मेें 96.82 लाख रुपये, गड़चिरोली मेें 76.12 लाख रुपये की अनियमितताएं निर्धारित की गईं. इसके अतिरिक्त अकोला शहर, अमरावती और नागपुर सिविल लाइंस विभागों में कुल 233.21 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई. इनमें से 173.33 लाख रुपये की वसूली की गई है.
महावितरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि विदर्भ में बिजली चोरी और अनधिकृत इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए जांच अभियान तेज किया गया है. आने वाले समय में संदिग्ध कनेक्शनों की जांच और बकाया वसूली पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना है.





