हत्याकांड के चश्मदीद का अपहरण कर साक्ष बदलने धमकी

नागपुर में सिने स्टाइल घटना

* कोर्ट ने तत्काल एक्शन ली, तीन गिरफ्तार
* वरिष्ठ क्रिमिनल लॉयर पर भी केस
नागपुर/दि.30 – 2022 के चर्चित हत्याप्रकरण के प्रत्यक्षदर्शी गवाह का अपहरण कर मारपीट और जान से मारने की धमकी देकर गवाही बदलने का बंबईयां फिल्मी स्टाइल वाकया बुधवार को नागपुर में प्रत्यक्ष रुप से हुआ. संगीन प्रकरण में नागपुर जिला न्यायालय के जज एस. सी. मुनघाटे ने तत्काल दखल लेकर पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए. पुलिस ने भी तत्परता से एक्शन लेकर न केवल तीन प्रमुख आरोपियों को दबोच लिया, वहीं उपराजधानी के मशहूर क्रिमिनल लॉयर पर भी केस दर्ज किया है. यह प्रकरण समस्त विदर्भ में चर्चा का विषय बना है. आरोप है कि, फौजदारी वकील ने भी उक्त गवाह को अपनी साक्ष बदलने कहा था. पुलिस पर ही आरोप मढने कहा था.
पुलिस ने दावा किया कि, यह मामला 2022 में हुए एक कत्ल प्रकरण का है. जिसमें आरोपी रोशन कारगांवकर के विरुद्ध बुधवार को सुनवाई और अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही होनी थी. कारगांवकर और उसके साथियों प्लान बनाकर गवाह को अगवा किया. उसे उमरेड थाना अंतर्गत छोटे गांव में बंदी बनाकर रखा, फिर वकील से भी बात करवाई और गवाही बदलने एवं आरोप पुलिस पर ही 300-400 रुपए देकर गवाही देने हेतु दबाव डाला था.
मामले की भनक लगते ही ग्रामीण एसपी हर्ष पोद्दार के मार्गदर्शन में पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया. जांच में आरोपी राकेश महाकालकर (26) और प्रद्युम्न कुरुतकर (26) को अपहरण की साजिश रचने के आरोप में पकडा. यह आरोपी गैंगरेप के एक प्रकरण में कारगांवकर के साथ सहआरोपी थे. किंतु कोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया था.
एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका अपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया है. इस आधार पर तीनों के विरुद्ध संगठित अपराध प्रतिबंधक कानून मकोका के तहत कार्रवाई हो सकती है. पोद्दार ने बताया कि, संबंधित गवाह को पुलिस सुरक्षा प्रदान कर दी गई है. घटना के बारे में बताया जाता है कि, 29 जुलाई को गवाह की कोर्ट में साक्ष थी. आरोपियों ने 28 जुलाई को ही उसके घर जाकर उसे डरा-धमकाकर वाहन में बैठाकर रानबोडी गांव ले जाया गया. वहां मकान में कैद कर दिया गया. उसे केवल इतना कहा गया कि, वह कोर्ट में गवाही बदल दें. कह दें कि, इस प्रकरण से उसका कुछ लेना-देना नहीं है. वह आरोपी रोशन कारगांवकर को नहीं जानता. इसके लिए कोर्ट ले जाने से ठीक पहले गवाह की फोन पर बचाव पक्ष के वकील से भी बात करवाई गई. वकील ने उसे अदालत में क्या कहना है, इस बारे में बतलाया.
गवाह को लेकर आरोपी कोर्ट परिसर पहुंचे. सुबह 11 बजे मौका देखकर गवाह ने अभियोजन पक्ष के वकील और जज मुनघाटे से संपर्क किया. अपने साथ हुआ वाकया बताया. न्यायाधीश के आदेश पर पुलिस ने तत्काल तीनों आरोपियों अक्षय पाटिल, महाकालकर और कुरतकर को दबोच लिया. उसी प्रकार वरिष्ठ क्रिमिनल लॉयर के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है. उन पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटकी है. आज-कल में वकील पर एक्शन लिए जाने की संभावना पुलिस ने व्यक्त की.

Back to top button