दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी बरी
एड. परवेज मिर्झा की सफल पैरवी

नागपुर /दि.27– दुष्कर्म के एक मामले में नागपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए आरोपी को बरी कर दिया है. इससे पहले सत्र न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी ठहराते हुए 25 वर्ष की सजा सुनाई थी. इस प्रकरण में आरोपी की तरफ से एड. परवेज मिर्झा ने सफल पैरवी की.
मामले के अनुसार, वर्धा निवासी आरोपी पर 19 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप था. पीड़िता के बयान में कहा गया था कि आरोपी ने दोपहर के समय उसके घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी और जबरदस्ती दुष्कर्म किया.
आरोपी ने सत्र न्यायालय के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एड. परवेज मिर्झा ने दलील दी कि पीड़िता के बयान में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास और त्रुटियां हैं, जिससे अभियोजन की कहानी संदिग्ध बनती है. साथ ही, मेडिकल साक्ष्य भी आरोपों की पुष्टि करने में निर्णायक साबित नहीं हुए. सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जांच में अहम साक्ष्य जैसे मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड पेश नहीं किए गए, जिससे मामले की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा. सरकारी पक्ष ने आरोपी की अपील का विरोध किया, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सत्र न्यायालय के फैसले को निरस्त कर दिया. अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों से बरी करते हुए उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया. इस मामले में आरोपी की ओर से एड. परवेज़ मिर्झा ने पैरवी की.