प्रतिबंध के बावजूद महाराष्ट्र में कैसे पहुंच रहा गुटखा?

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने किया बड़ा खुलासा

* बोले- गुटखा तस्करों ने महाराष्ट्र से बाहर नेटवर्क किया स्थापित
* पडोसी राज्यों से चोरी-छिपे गुटखे की खेप भेजी जा रही महाराष्ट्र में
मुंबई/दि.14- महाराष्ट्र में गुटखा प्रतिबंध के 14 वर्ष बाद भी अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पाया है. इस बीच राज्य के अन्न एवं औषध प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे ने गुटखा तस्करी और दूध में मिलावट को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि गुटखा माफियाओं ने अपना नेटवर्क महाराष्ट्र से बाहर स्थापित कर लिया है और वहीं से राज्य में अवैध आपूर्ति की जा रही है. वहीं दूध और दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में कानून के तहत उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है.
एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में मुंढे ने कहा कि महाराष्ट्र में वर्ष 2012 से गुटखे के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रतिबंध लागू है. प्रतिबंध और लगातार कार्रवाई के बाद गुटखा माफियाओं ने अपनी उत्पादन इकाइयां राज्य से बाहर स्थानांतरित कर दीं, लेकिन तस्करी के माध्यम से अवैध कारोबार अब भी जारी है.
* मकोका की कार्रवाई के बाद बदली रणनीति
एफडीआय आयुक्त मुंढे के अनुसार, गुटखा कारोबारियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई शुरू होने के बाद इन गिरोहों ने अपने नेटवर्क को पड़ोसी राज्यों में फैला दिया. पहले बड़े ट्रकों के माध्यम से गुटखे की खेप भेजी जाती थी, लेकिन अब जांच एजेंसियों से बचने के लिए छोटी चारपहिया गाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई नहीं की जा रही, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे काम करने वाले संचालकों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.
* मांग खत्म होगी तो आपूर्ति भी बंद होगी
गुटखा सेवन पर चिंता व्यक्त करते हुए तुकाराम मुंढे ने कहा कि केवल सरकारी कार्रवाई से समस्या समाप्त नहीं होगी. यदि लोग स्वयं गुटखा खरीदना और खाना बंद कर दें तो इसकी मांग समाप्त हो जाएगी और अवैध आपूर्ति भी स्वतः रुक जाएगी. उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गुटखा सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति को चिंताजनक बताया और कहा कि इससे मुंह के कैंसर के मामलों में वृद्धि हो रही है.
* दूध में मिलावट का बड़ा खतरा
गुटखे के साथ-साथ मुंढे ने राज्य में दूध और दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट को भी गंभीर समस्या बताया. उन्होंने कहा कि एफडीए ने हाल के दिनों में दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है. राज्यभर में मिलावटखोरों पर छापेमारी की जा रही है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है. मुंढे ने बताया कि जांच में दूध और दुग्ध उत्पादों से जुड़े अनेक नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, जिसके चलते विभाग ने पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है. हाल ही में राज्य सरकार ने दूध संग्रह केंद्रों, डेयरियों, परिवहनकर्ताओं, वितरकों और विक्रेताओं के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं.
* मिलावटखोरों को उम्रकैद तक की सजा
एफडीए आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी खाद्य पदार्थ या दूध में ऐसी मिलावट पाई जाती है जिससे मानव स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो, तो खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दोषियों के खिलाफ अत्यंत कठोर कार्रवाई की जा सकती है. गंभीर मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है.
* राज्यभर में तेज हुई कार्रवाई
मुंढे के नेतृत्व में एफडीए ने हाल के महीनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों, प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू उत्पादों और नकली दूध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है. विभिन्न जिलों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये का माल जब्त किया गया है और अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. तुकाराम मुंढे ने नागरिकों से अपील की कि वे गुटखा सेवन से दूर रहें और दूध व खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता पर ध्यान दें. उन्होंने कहा कि सुरक्षित भोजन और स्वस्थ समाज के लिए प्रशासन और नागरिकों दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है.
* कई शहरों में भी अवैध गुटखे का लोकल लेवल पर हो रहा उत्पादन
इसके साथ ही आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस बात का भी खुलासा किया कि, महाराष्ट्र के कई शहरों में लोकल लेवल पर अवैध तरीके से अलग-अलग ब्रांड के नाम पर गुटखे के उत्पादन, वितरण व विक्री का काम किया जा रहा है. जिसके चलते कुछ शहर गुटखा तस्करी व विक्री का प्रमुख केंद्र बने हुए है. इस बात की ओर भी एफडीए द्वारा पूरी नजर रखी जा रही है. आयुक्त मुंढे ने बताया कि, महज 3 से 4 लाख रूपये में गुटखा पैकेजिंग की मशिन लाकर कुछ लोगों द्वारा गुटखा उत्पादन व विक्री का एक तरह से गृह उद्योग शुरू कर दिया गया है. ऐसे लोगों को खोजने व पकडने के लिए भी एफडीए द्वारा जल्द ही व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा.

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