जिले में 68 क्षेत्र, 4639 प्रगणक करेंगे गिनती

1 मई से स्वगणना, 16 मई से घरों की गणना

* जिले में सेंसस 2027 का कार्य प्रारंभ
* जिलाधीश आशीष येरेकर द्बारा जानकारी
* बेघरों की गणना सरकार के नए निर्देश पर आधारित
अमरावती/ दि.24- जिले में 1 मई से सेंसस 2027 का कार्यारंभ होने जा रहा हैं. पहले पखवाडे में स्वगणना की जाएगी. 16 मई से घरों की गणना की जाएगी. इसके लिए जिले में 68 क्षेत्र प्रशिक्षक और 4639 प्रगणक, 813 पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं. घरों की गणना हेतु 4499 सूची गट बनाए गए हैं. प्रत्येक गट में लगभग 200 घर करीब 800 की जनसंख्या का अंदाज रखा गया हैं. यह जानकारी जिलाधीश आशीष येरेकर ने आज दोपहर मेंं अपने कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में दी. इस समय जिप सीईओ सत्यम गांधी, महापालिका अतिरिक्त आयुक्त महेश देशमुख, सहायक आयुक्त योगेश पीठे और अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
डिजिटल गणना, करें सहयोग
कलेक्टर येरेकर ने बताया कि भारतवर्ष की यह आठवीं और 21 वीं सदी की तीसरी जनगणना हैं. पहली जनगणना है जो डिजिटाइज होने जा रही हैं. पहला चरण घरों की सूची और गणना का हैं. प्रत्यक्ष जनगणना अगले वर्ष फरवरी में होगी. उससे पहले आगामी महाराष्ट्र दिवस 1 मई से स्वगणना प्रारंभ की जा रही हैं. जिसमें परिवार प्रमुख को जनगणना के पोर्टल पर जाकर अपनी और परिवार की जानकारी देना हैं. उसमें मोबाईल नंबर और इमेल आयडी भी दी जा सकेगी. परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा. प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक मोबाईल नंबर का उपयोग किया जा सकता हैं. उसमें अपनी पसंद की भाषा चुनने के साथ घर का नंबर और स्थान संबंधी विवरण देना होगा.
आशीष येरेकर ने बताया कि घर गणना के अनुभाग चार में प्रगणक का दौरा होगा. वह प्रत्येक घर पहुंचकर एसई आयडी का मिलान करेगा. मिलान नहीं हुआ तो प्रगणक नई जानकारी एकत्रित करेगा. कलेक्टर ने अमरावती के लोगों से सरकार द्बारा दी जा रही स्वगणना में सहयोग का अनुरोध किया हैं. उन्होंने कहा कि सभी 33 प्रश्नों का घरों की गिनती के समय उत्तर देना आवश्यक हैं. उन्होंने प्रश्न के उत्तर में स्पष्ट कर दिया कि अभी केवल घरों की गिनती हो रही हैं. जिसमें घरों की स्थिति और अन्य जानकारी का समावेश हैं. बेघर या स्थानांतरित लोगों की गणना सरकार के नए निर्देशों पर आधारित रहेगी. उनकी भी गणना निश्चित ही होगी. उन्होंने गणना करने आ रहे लोगों को सच्ची जानकारी देने का आवाहन कर इसके आधार पर ही विकास प्रारूप, शालाएं, अस्पताल और अन्य सुविधा होने की बात कहीं. कलेक्टर ने कहा कि संपूर्ण प्रक्रिया सुरक्षित और गोपनीय रहेगी. उन्होंने बताया कि प्रगणको की ट्रेनिंग शुरू हो गई हैं. 16 मई से जिले के प्रत्येक घर, भवन पर प्रगणक दस्तक देंगे, उन्हें अचूक जानकारी देने का आवाहन जिलाधीश ने किया.

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