फंड के अभाव में अमरावती में विकास कार्य ठप
पार्षद मांगते-मांगते थके, ठेकेदारों के करीब 50 करोड़ रुपए के बिल अटके, नागरिक परेशान

अमरावती/दि.9 – महानगरपालिका में पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं होने से शहर के कई विकास कार्य पिछले कुछ महीनों से प्रभावित हैं. नए पार्षद चुने जाने के बाद नागरिकों को अपने-अपने वार्ड में विकास की उम्मीद थी, लेकिन अंदरूनी सड़कें, नालियां, पार्क, पेवर ब्लॉक, शौचालय, आंगनवाड़ी और सामुदायिक केंद्र जैसे कई काम अब भी अधूरे हैं.
शहर के नए बसे इलाकों में नालियां नहीं होने से गंदे पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है. कई जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं. डामरीकरण और सीमेंट कांक्रीटीकरण का काम रुकने से नागरिकों को गड्ढों और धूल का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, फ्लाईओवर और भूमिगत सीवरेज जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी प्रभावित हैं.
* ठेकेदारों के 50 करोड़ रुपए के बिल बाकी
महानगरपालिका के ठेकेदारों के करीब 50 करोड़ रुपए के बिल बकाया होने की जानकारी सामने आई है. भुगतान अटकने के कारण कुछ ठेकेदारों ने नए कामों की गति धीमी कर दी है. इसका सीधा असर नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर पड़ रहा है.
* पार्षदों की फंड के लिए दौड़
पार्षदों की ओर से महासभा के साथ ही बार-बार पत्र देकर विकास कार्यों के लिए फंड की मांग की जा रही है. प्रशासन की ओर से डीपीसी सहित सरकार से फंड मांगने और प्रॉपर्टी टैक्स वसूली बढ़ाने की जानकारी दी गई है. मनपा की आय का प्रमुख स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स होने के कारण वसूली पर भी जोर दिया जा रहा है.
* आचार संहिता के कारण भी प्रक्रिया प्रभावित
मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले के मुताबिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चुनाव प्रक्रिया और आचार संहिता के कारण विकास कार्यों की प्रक्रिया प्रभावित हुई. उन्होंने माना कि फिलहाल फंड की भी कुछ कमी है और कुछ तकनीकी कारणों से कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं. उन्होंने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद तथा दिवाली के पश्चात विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है. साथ ही सरकार से फंड उपलब्ध होने की भी अपेक्षा है.
* सफाई पर खर्च, विकास की अनदेखी का आरोप
शहर में सफाई व्यवस्था पर खर्च हो रहा है, लेकिन अंदरूनी सड़कों, नालियों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर नागरिकों में नाराजगी है. नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराकर अधूरे काम तत्काल पूरे किए जाने चाहिए.





