तेज धूप में मनोज जरांगे की भूख हडताल शुरु

14 मांगे और सरकार के 14 आश्वासन

* बीजेपी नेता लाड ने की डेढ घंटा समझाने की कोशिश
* नहीं माने मराठा आरक्षण आंदोलक
* अंतरवाली सराटी में प्रदेशभर से मराठा का जुटना प्रारंभ
* मंत्री विखे पाटिल को सौंपा मांगों का ड्राफ्ट
* हैदराबाद गैजेट के अनुसार दें कुणबी प्रमाणपत्र
* सरकार ने एक-एक मांग पर कार्यवाही का दिया ब्यौरा
* सीएम ने कहा सकारात्मक निर्णय हेतु कटिबद्ध
अंतरवाली सराटी/दि.30 – मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारी मनोज जारंगे पाटिल ने आज सुबह 10 बजे से अंतरवाली सराटी में फिर से आमरण अनशन शुरू किया है. कल मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और भाजपा नेता प्रसाद लाड ने डेढ़ घंटे तक समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकलने के कारण मनोज जारंगे अपने अनशन के फैसले पर अडिग रहे. जारंगे के अनशन शुरू करते ही सरकार में हलचल मच गई है. उनकी मांगों पर सकारात्मक समाधान निकालने के लिए सरकार ने एक विशेष मसौदा तैयार किया है. सरकार का प्रतिनिधिमंडल यह मसौदा लेकर अंतरवाली सराटी पहुंच गया है. मराठा आरक्षण उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल स्वयं जारंगे के आंदोलन स्थल पर पहुंचे.
* राधाकृष्ण विखे पाटिल द्वारा जारंगे को सौंपे गए ड्राफ्ट
1. मनोज जारंगे की मांग : 58 लाख रिकॉर्ड की जानकारी उपलब्ध कराई जाए.
सरकार की जानकारी : सभी जिलों की सरकारी वेबसाइटों पर रिकॉर्ड उपलब्ध हैं. नागरिक वेबसाइट पर जाकर रिकॉर्ड देख सकते हैं. आवश्यकता होने पर रिकॉर्ड की प्रति भी उपलब्ध कराई जाएगी.

2. मनोज जारंगे की मांग : हैदराबाद गजट के अनुसार कुणबी जाति के प्रमाणपत्र दिए जाएं.
सरकार की जानकारी : विभागीय आयुक्त, छत्रपति संभाजीनगर द्वारा डजझ तैयार की गई है. अगले 3 महीनों में घर-घर जाकर जांच और विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे. लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

3. मनोज जारंगे की मांग : जाति सत्यापन प्रमाणपत्र तत्काल दिया जाए.
सरकार की जानकारी : विभागीय आयुक्त हर 15 दिन में इस कार्य की समीक्षा करेंगे.

4. मनोज जारंगे की मांग : सातारा गजट को लागू किया जाए.
सरकार की जानकारी : महाधिवक्ता की राय लेकर कार्रवाई की जाएगी.

5. मनोज जारंगे की मांग : मराठा समाज के लिए अलग मंत्रालय स्थापित किया जाए.
सरकार की जानकारी : मराठा आरक्षण कक्ष की स्थापना की कार्रवाई अगले 1 महीने में की जाएगी.

6. मनोज जारंगे की मांग : मराठा आरक्षण आंदोलन में मृत हुए लोगों के वारिसों को आर्थिक सहायता दी जाए.
सरकार की जानकारी : 306 में से 275 आंदोलनकारियों के वारिसों को पहले ही आर्थिक सहायता दी जा चुकी है. शेष 31 वारिसों को अगले 15 दिनों में सहायता दी जाएगी.

7. मनोज जारंगे की मांग : कुणबी प्रमाणपत्रों के त्वरित वितरण के लिए कार्रवाई की जाए.
सरकार की जानकारी : रिकॉर्ड खोज, कुणबी जाति प्रमाणपत्र और जाति सत्यापन प्रमाणपत्र के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में अगले 8 दिनों में हेल्पलाइन शुरू की जाएगी.

8. मनोज जारंगे की मांग : ग्रामस्तरीय समिति के कामकाज की समीक्षा की जाए.
सरकार की जानकारी: 2 सितंबर 2025 के शासन निर्णय के अनुसार गठित ग्रामस्तरीय समिति के कामकाज की तहसीलदार हर 15 दिन में समीक्षा करेंगे.

9. मनोज जारंगे की मांग : ग्रामस्तरीय समिति घर-घर जाकर जांच करे और तत्काल रिपोर्ट दे.
सरकार की जानकारी : समिति प्रत्येक महीने के दूसरे और चौथे गुरुवार को गांव में उपस्थित रहेगी. कुणबी प्रमाणपत्र के लिए जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी. तहसीलदार समिति के कार्यों पर नियंत्रण रखेंगे.

10. मनोज जारंगे की मांग : मोडी लिपि का मराठी में अनुवाद करने के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएं.
सरकार की जानकारी : मराठी भाषा विभाग ने 27 मई 2026 के परिपत्र के अनुसार मोडी लिपि विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया है. उनका मानधन भी तय कर दिया गया है और उनकी सेवाएं जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी.

11. मनोज जारंगे की मांग : इडब्ल्यूएस से चयनित उम्मीदवारों के संबंध में निर्णय लिया जाए.
सरकार की जानकारी: इस संबंध में कानूनी मार्गदर्शन लिया जाएगा.

12. मनोज जारंगे की मांग : न्यायमूर्ति शिंदे समिति को अवधि विस्तार दिया जाए.
सरकार की जानकारी : समिति को 1 वर्ष का विस्तार दिया जाएगा.

13. मनोज जारंगे की मांग : सारथी संस्था के संबंध में कार्रवाई की जाए.
सरकार की जानकारी : सारथी संस्था द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्था को और मजबूत किया जाएगा.

14. मनोज जारंगे की मांग : अण्णासाहेब पाटील आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल को निधि दी जाए.
सरकार की जानकारी : ब्याज प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए अतिरिक्त निधि की व्यवस्था की जाएगी.                                                  * न्याय देने की भूमिका में आएं सीएम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस न्याय देने की भूमिका में आएं. एक बार इसी स्थान पर हमने अपनी माताओं और बहनों को खून से लथपथ देखा था. दोबारा ऐसा विचार न करें. पुलिस लाठीचार्ज के मामले में न पड़ें. राज्य में यह आपको भारी पड़ेगा, ऐसा मनोज जारंगे ने कहा. मैं उल्टा नहीं बोलता, सरकार को धमकाता नहीं और यह आंदोलन फिर नहीं रुकेगा, ऐसा भी उन्होंने कहा. संवाद और सौहार्द से रास्ता निकाला जाए. हमला नहीं करना है, मराठा समाज शांत है. देवेंद्र फडणवीस अब दूसरी बार हमला नहीं करेंगे, फिर भी मैंने अपनी बात कह दी, ऐसा मनोज जारंगे ने कहा.
* जारंगे के अनशन पर देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया
सरकार मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सकारात्मक है. सरकार की भूमिका पारदर्शी है. हम सकारात्मक काम करने वाले लोग हैं. हम समाजों को एक-दूसरे के सामने खड़ा कर लड़ाने का काम नहीं करते, ऐसा देवेंद्र फडणवीस ने कहा. उन्होंने कहा कि हम समाज के हित में निर्णय लेते हैं, लेकिन संविधान और न्यायालय के निर्णयों के अधीन रहकर ही निर्णय करते हैं. हम एक समाज का आरक्षण हटाकर दूसरे समाज को नहीं देते. ओबीसी समाज पर कोई अन्याय नहीं होने देंगे, उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है. हम न्यायालय की सीमाओं के भीतर रहकर निर्णय लेंगे, ऐसा देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया.

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