सुसाईड नोट लिखकर मुकेश चांदवानी घर से लापता

वलगांव रोड पर मेट्रो मोटर्स नाम से था मुकेश का शोरूम

* विगत 20 मई को शोरूम पर हुई थी तोडू कार्रवाई
* एक माह से व्यवसाय ठप रहने के चलते मुकेश थे व्यथित
* कल रात निकले थे घर से बाहर, आज सुबह तक वापस नहीं लौटे
* तलाश करने पर मुकेश व्दारा लिखी गई सुसाईड नोट हुई बरामद
* चांदवानी परिवार सहित पुलिस के भी हाथ-पांव फूले
* हर और चल रही मुकेश चांदवानी की सरगर्मी से तलाश
अमरावती/दि.26 – स्थानिय कृष्णानगर गल्ली नं.1 में रहनेवाले मुकेश अशोककुमार चांदवानी नामक 40 वर्षीय व्यवसाई के कल रात से अचानक ही लापता हो जाने के चलते पूरे परिसर में अच्छाखासा हडकंप मचा हुआ है. मुकेश चांदवानी की गुमशुदगी के बाद जहां एक ओर उनकी तलाश चल रही थी. वही इस दौरान घर में उनके कमरे से उनके व्दारा लिखे गए सुसाईड नोट सहित आर्थिक परेशानियों को लेकर लिखे गए पत्र बरामद होने के चलते ओर भी अधिक सनसनी मच गई. जिसके बारे में चांदवानी परिवार व्दारा शिकायत किए जाते ही गाडगेनगर पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए मुकेश चांदवानी की तलाश करने शुरू की. हालाकि समाचार लिखे जाने तक मुकेश चांदवानी का कही कोई पता नहीं चल पाया था.
इस संदर्भ में मुकेश चांदवानी के भाई संजय चांदवानी व्दारा गाडगेनगर पुलिस को जानकारी देते हुए बताया गया कि, उनका परिवार विगत लंबे समय से वाहन बिक्री व दुरूस्ती के क्षेत्र में कार्यरत है. तथा 11 साल तक किराये की दुकान चलाने के बाद उन्होंने कुछ समय पहले ही वलगांव रोड पर मेट्रो मोटर्स नामक अपना खुद का शोरूम शुरू किया था. उनके शोरूम के ठिक बगलवाली जमीन किसी जगमलानी नामक व्यक्ति व्दारा खरेदी गई थी ओर उस व्यक्ति का आरोप था कि, मेट्रो मोटर्स शोरूम की बगलवाली दिवारी उसकी मिलकियत वाली जमीन पर बनी हुई है. जिसके चलते उस व्यक्ति ने विगत 20 मई को सुबह 7 बजे बिना किसी पूर्व सुचना के उस दिवार को तोड कर गिरा दिया था. जिसके चलते मेट्रो मोटर्स का काफी बडे पैमाने पर नुकसान होने के साथ ही चांदवानी परिवार का पूरा व्यवसाय ठंप हो गया था. इसी वजह से मुकेश चांदवानी काफी हद तक परेशान चल रहा था. क्योंकि सीर पर कर्ज ओर ब्याज का बोझ बढ रहा था. जिसके चलते मुकेश चांदवानी मानसिक तनाव एवं अवसाद की स्थिति से जुझ रहा था.
दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक मुकेश चांदवानी कल शाम अपने घर पर ही था. ओर रात 9 बजे के आस-पास कोई काम रहने की बात कहते हुए घर से बाहर निकला ओर फिर वापिस ही नहीं लौटा. जिसके चलते परिजनों ने उसकी खोजबीन करनी शुरू थी. इसी दौरान मुकेश के कमरे से उसके व्दारा लिखा गया एक पन्ने का सुसाईड नोट बरामद हुआ. जिसमें लिखा हुआ था कि, ‘मम्मी-पापा, सॉरी. जिस उम्र में मैने आपका सहारा बनना चाहिए था, उस उम्र मै आपको परेशान कर रहा हु. मेरे परिवार का ध्यान रखना. मेरे बच्चों का खयाल रखना. मै हमेशा के लिए जा रहा हु और कभी वापिस नहीं आउंगा. हो सके तो मुझे माफ कर देना.’ इस पत्र को देखते ही चांदवानी परिवार के सदस्यों के पैरोतले से जमीन खिसक गई और वे तुरंत ही दौडे भागे गाडगेनगर पुलिस थाने पहुंचेे. जिसके बाद पुलिस ने मुकेश की हर तरफ खोजबीन करनी शुरू की. लेकिन उसका कोई कही अतापता नहीं चल पाया.
खास बात यह भी है कि, मुकेश के कमरे से एक पूर्व पालकमंत्री के नाम लिखा हुआ एक ज्ञापन भी बरामद हुआ है. 17 पन्नों के इस ज्ञापन में मुकेश चांदवानी ने अपनी पूरी आपबिती बयान की है.

 

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