मानसून पूर्व नालों की साफ-सफाई के अभियान में जुटा मनपा प्रशासन
16 नालों की साफ-सफाई पूर्ण होने का दावा

अमरावती /दि.30- मानसूनपूर्व शहर के तमाम नालों की साफ-सफाई किए जाने की मांग 2-3 माह पहले ही मनपा की विशेष आमसभा में किए जाने के बाद मनपा प्रशासन की ओर से शहर के सभी 16 नालों की साफ-सफाई तथा कार्य युद्धस्तर पर जारी कर दिया है. बुधवार 27 मई को मनपा प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शहर के 16 नालों में से 14 नालों की साफ-सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. वहीं शेष 2 नालों में से एक अंबा नाला और दूसरे केडिया नगर स्थित नाले का कार्य भी 95 फीसदी पूर्ण कर लिया गया है. मनपा प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक शेष यह दोनों नालों की साफ-सफाई का कार्य भी आगामी माह के पहले सप्ताह तक पूर्ण कर लिया जाएगा.
गौरतलब है कि, बारिश के मौसम में नदी-नालों में बाढ आने के बाद यह पानी पूर्ण शहर के सडकों, बाजारों, चौक-चौराहों पर आने की शिकायतें प्रतिवर्ष मिला करती है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए मनपा ने नाला साफ-सफाई अभियान प्रारंभ कर दिया है. परंतु अब भी कई क्षेत्रों में छोटे-मोटे नालों की साफ-सफाई का कार्य धीमी गति से चल रहा है. ऐसे में नागरिकों को भय सता रहा है कि, इस बार भी शहर को जलभराव की समस्या का सामना करना न पडे. शहर में बडे नाले व उपनालों को मिलाकर कुल 16 नालें बताए गए है. जिनमें हर वर्ष नाला साफ-सफाई पर लाखों-करोडों की राशि खर्च की जाती है. इसके बावजूद बारिश के दौरान अनेक क्षेत्रों में पानी जमा हो जाता है. इससे सफाई कार्यों की गुणवत्ता व प्रशासकीय नियोजन पर सवाल खडे किए जाते है. जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में नाला सफाई में लाखों रुपए खर्च किया गया है. गाद निकालने मशीनों का उपयोग और बढते व्यय के कारण खर्च में वृद्धि की गई है. दूसरी ओर नालों पर अतिक्रमण, प्लास्टिक कचरे का ढेर, समय पर गाद की पूर्ण सफाई न होना तथा प्लास्टिक प्रतिबंधक लागू रहने के बावजूद नालों में सबसे अधिक प्लास्टिक का कचरा पाया जाना और इसी के चलते जलभराव की समस्या उत्पन्न होना, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मनपा प्रशासन ने नालों की साफ-सफाई अभियान जारी कर दिया है.





