अमरावती के किसानों के परिवारों के लिए सहारा बना नाना पाटेकर का सेवाभावी कार्य
13 वर्षों में 220 आत्महत्याग्रस्त किसान परिवारों को आर्थिक मदद

नाम फाउंडेशन के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को 29 सिलाई मशीनें वितरित
अमरावती/दि.9 – वरिष्ठ रंगमंच एवं फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर और अभिनेता मकरंद अनासपुरे ने किसानों की सहायता के उद्देश्य से कुछ वर्ष पहले नाम फाउंडेशन की स्थापना की थी. इस संस्था के माध्यम से अमरावती जिले में पिछले 13 वर्षों के दौरान आत्महत्याग्रस्त 220 किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की गई. इसके अलावा किसान परिवारों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 29 सिलाई मशीनों का वितरण भी किया गया. नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके इस सेवाभावी कार्य और किसान परिवारों के प्रति संवेदनशीलता को याद किया जा रहा है.
नाम फाउंडेशन ने आर्थिक सहायता तक ही अपने कार्य को सीमित नहीं रखा, बल्कि जलसंकट से निपटने के लिए भी पहल की. जिले के कई तालाबों, बांधों और जलाशयों में जमा गाद निकालने का काम संस्था के माध्यम से किया गया. इससे जलसंग्रहण क्षमता बढ़ाने और संबंधित क्षेत्रों में जलस्तर सुधारने में मदद मिली.
* आर्थिक सहायता का कार्य आगे भी जारी रहेगा
नाम फाउंडेशन के अमरावती जिला समन्वयक वासुदेव जोशी के अनुसार, नाना पाटेकर फाउंडेशन के कार्यक्रमों के लिए स्वयं अमरावती नहीं आए थे, लेकिन जिले के किसान परिवारों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. वर्ष 2013 से अब तक जिले के 220 आत्महत्याग्रस्त किसान परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है. यह कार्य आगे भी जारी रहेगा. नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे की इस पहल ने संकटग्रस्त किसान परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ ही महिलाओं को रोजगार का साधन उपलब्ध कराने और जलस्रोतों के पुनर्जीवन में भी योगदान दिया. उनके इस सामाजिक कार्य को अमरावती जिले में लंबे समय तक याद किया जाएगा.





