रापनि बसों में ‘फर्स्ट एड’ की पेटी को ही इलाज की जरूरत
‘लालपरी’ में यात्री सुविधाओं का काफी हद तक अभाव

अमरावती/दि.23- महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की बसों में यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है. मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार प्रत्येक बस में प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना अनिवार्य है, लेकिन अमरावती विभाग की अधिकांश बसों में ये सुविधाएं या तो मौजूद नहीं हैं या फिर पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी हैं. सबसे चिंताजनक स्थिति प्राथमिक उपचार पेटियों की है, जिनमें आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा सामग्री तक उपलब्ध नहीं है.
बता दे कि, रापनि के अमरावती विभाग में करीब 450 एसटी बसें विभिन्न मार्गों पर प्रतिदिन संचालित होती हैं. इन बसों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्र के यात्री सफर करते हैं. लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अचानक ब्रेक लगने, वाहन के झटकों या छोटे-मोटे हादसों के कारण यात्रियों को चोट लगना आम बात है. ऐसे समय प्राथमिक उपचार पेटी तत्काल राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन अधिकांश बसों में यह सुविधा केवल औपचारिकता बनकर रह गई है.
* दुर्घटना के समय बढ़ सकती हैं परेशानियां
यात्रा के दौरान यदि किसी यात्री को हल्की चोट लग जाए, चक्कर आ जाए या अन्य स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो जाए, तो बस में उपलब्ध प्राथमिक उपचार सामग्री से तत्काल सहायता दी जा सकती है. लेकिन वर्तमान स्थिति में कई बसों की फर्स्ट एड बॉक्स खाली पाई गई हैं. इसके कारण घायल यात्रियों को निजी मेडिकल स्टोर या अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है, जिससे परेशानी और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं.
* प्राथमिक उपचार पेटी में क्या होना चाहिए?
नियमों के अनुसार प्रत्येक बस की प्राथमिक उपचार पेटी में निर्जंतुकीकृत गॉज, रुई, बैंडेज, एंटीसेप्टिक द्रव्य, मेडिकल टेप, कैंची, डिस्पोजेबल दस्ताने, जलन की क्रीम, दर्द निवारक दवाइयां तथा ओआरएस के पैकेट जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहनी चाहिए. हालांकि कई बसों में यह सामग्री या तो समाप्त हो चुकी है या कभी रखी ही नहीं गई.
* मोबाइल चार्जिंग सुविधा भी बेअसर
यात्रियों की सुविधा के लिए नई बसों में मोबाइल चार्जिंग पोर्ट लगाए गए थे, लेकिन अधिकांश बसों में ये पोर्ट बंद या खराब पड़े हैं. वहीं पुरानी बसों में चार्जिंग की कोई व्यवस्था ही नहीं है. लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
* मुफ्त वाई-फाई का दावा हवा-हवाई
महामंडल ने कुछ समय पहले यात्रियों को मुफ्त वाई-फाई सुविधा देने की घोषणा की थी, लेकिन अधिकांश बसों में यह सेवा शुरू ही नहीं हो सकी है. जिन बसों में वाई-फाई उपकरण लगाए गए हैं, वहां भी सेवा चालू नहीं होने से यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा.
* शिकायत कहां करें?
यदि किसी बस में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं या उपकरण खराब हैं, तो यात्री संबंधित डिपो प्रबंधक, बस चालक-परिचालक, बस स्थानक नियंत्रण कक्ष अथवा एसटी ग्राहक सेवा केंद्र में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
* नियमों का पालन जरूरी
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार प्रत्येक सार्वजनिक परिवहन वाहन में प्राथमिक उपचार पेटी और सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य है. परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए एसटी प्रशासन को बसों की नियमित जांच कर आवश्यक सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करना चाहिए. यात्रियों का कहना है कि किराया बढ़ाने के साथ-साथ यदि मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए तो एसटी यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकती है. फिलहाल स्थिति यह है कि यात्रियों के उपचार के लिए बनाई गई प्राथमिक उपचार पेटियों को ही उपचार की जरूरत पड़ गई है.





