चांदुर रेलवे के धीरज कलावटे का अवयवदान
संतोष और अनीता कलावटे का साहसी निर्णय फलीभूत

* दोनों मूत्रपिंड और यकृत ले जाए गये उपराजधानी
* अमरावती से नागपुर तक ग्रीन कॉरीडोर
* रेडियंट अस्पताल और हरिना समिति का भी सहयोग
* चौडा हुआ अमरावती का भी सीना
अमरावती /दि.19- चांदुर रेलवे के 30 वर्षीय धीरज संतोष कलावटे इस युवक का नाम आज अमरावती के अवयवदान दाता की सूची में सगर्व सम्मिलित हो गया. जब पूर्वान्ह सबनीस प्लॉट स्थित रेडियंट अस्पताल से ब्रेन डेड घोषित धीरज कलावटे की दोनों किडनी, लीवर रिट्रायवल किए गये. उसी प्रकार आंखों की ज्योति भी दान की गई. धीरज कलावटे ने दुनिया से विदाई लेते हुए पांच रूग्णों को नवजीवन देने का प्रयत्न किया है. कलावटे परिवार की सदाशयता और साहस की जहां प्रशंसा हो रही है. वहीं चिकित्सकों के साथ मिलकर अवयव शीघ्रता से 150 किमी दूर नागपुर ले जाने बनाए गये ग्रीन कॉरिडोर के लिए पुलिस विशेषकर यातायात विभाग के सहयोग का उल्लेख किया जा रहा है.
सडक दुर्घटना में हुआ घायल
धीरज कलावटे अपने मित्रों के संग उत्तराखंड के चारधाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमनोत्री, गंगोत्री की तीर्थयात्रा कर गत 12 अगस्त को लौट रहा था. तब तलेगांव- चांदुर रेलवे मार्ग पर शेंदुरजना खुर्द में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. दुर्घटना में धीरज के एक साथी की जान चली गई. धीरज बुरी तरह जख्मी हो गये. सिर और सीने पर गंभीर चोटे आने से उसे चांदुर के डॉ. क्रांतिसागर ढोले अस्पताल में ले जाया गया. प्रथमोपचार हुआ ही था कि, रात में ही उसे अमरावती के बडनेरा रोड स्थित रिम्स अस्पताल लाया गया. गत 15 अगस्त को धीरज को रिम्स से रेडियंट अस्पताल में भर्ती किया गया.
सप्ताहभर उपचार, प्रतिसाद नहीं
धीरज कलावटे अत्यंत सामान्य परिवार का रहने के बावजूद उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था. सप्ताहभर के उपचार पश्चात भी वह प्रतिसाद नहीं दे पाया. मंगलवार को सबेरे चिकित्सकों ने उसका परीक्षण करने के बाद परिजनों से बात की. धीरज के परिवार में माता, पिता संतोष कालीचरण कलावटे और अनीता संतोष कलावटे, बहन किश्तू उर्फ कात्यायनी संतोष कलावटे, चाचा गोपाल कलावटे, जगदीश कलावटे हैं. इन सभी से चिकित्सकों ने धीरज के ब्रेन डेड होने के संदर्भ में परामर्श किया.
परिजनों ने ही दर्शाई अवयव दान की तैयारी !
धीरज के चाचा गोपाल कलावटे और कांग्रेस नेता वैभव देशमुख ने बताया कि घर के होनहार युवक के साथ भीषण हादसे ने कलावटे परिवार को हिलाकर रख दिया था. दो माह पहले ही धीरज के चाचा नंदकिशोर कलावटे का निधन हुआ. ऐसी परिस्थिति के बावजूद संतोष और अनीता कलावटे ने महत्वपूर्ण निर्णय किया. अपनी भावनाओं पर कंट्रोल किया. वैभव देशमुख के अनुसार कलावटे परिवार ने ही अपने जिगर के टुकडे धीरज के अवयवदान के लिए पहल की. उपरांत निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने नागपुर स्थित विभागीय अवयवदान समिति से संपर्क किया. उन्होंने भी आवश्यक सभी कार्यवाही पूर्ण की.
* लीवर और एक किडनी भेजी गई नागपुर
नागपुर की समिति के विशेषज्ञ सदस्य आज सबेरे ठीक 8 बजे सबनीस प्लॉट स्थित अस्पताल पहुंच गये. सभी प्रक्रिया पश्चात धीरज कलावटे के लीवर और दोनों किडनी को रिट्रायवल किया गया. ट्रैफिक पुलिस द्बारा बनाए गये ग्रीन कॉरिडोर से तीन अलग- अलग एम्बुलेंस से नागपुर प्रतीक्षा सूची के रूग्णों हेतु रवाना किया गया. लीवर नागपुर के न्यू ईरा हॉस्पिटल और एक किडनी नागपुर के किंग्जवे अस्पताल भेजी गई. वहीं एक किडनी रिम्स अस्पताल अमरावती में ही मरीज को लगाई गई है. नेत्र ज्योति यहां इर्विन अस्पताल के नेत्र विभाग ने कलेक्ट की. उपरांत संपूर्ण रेडियंट अस्पताल स्टॉफ ने अवयवदाता धीरज कलावटे को सैल्युट किया. पार्थिव कलावटे परिवार को सौंपा गया.
* पूरी मारवाडी लाइन और मित्र परिवार उमडा
धीरज कलावटे ने एम.कॉम. बी.बी.ए की पढाई करने के साथ वह अपने लिए उचित नौकरी की तलाश में था. किंतु खाली नहीं बैठा था. छोटे मोटे काम करने के साथ परिवार के फ्लोर मिल गोपाल दलन केन्द्र को चलाता था. फलस्वरूप सभी से उसका स्नेहपूर्ण व्यवहार रहा. ऐसे में आज उसके अवयवदाता बनने की अनूठी बेला में चांदुर रेलवे की समस्त मारवाडी लाइन और मित्र परिवार उमडा था. उनमें वैभव देशमुख, मनीष जालान, आनंद पनपालिया, किशोर पनपालिया, नारू कलावटे, माहीर कलावटे, उज्वल उदयपुरिया, कान्हा उदयपुरिया, देवांश खेतान, शुभम महाजन, प्रशिल लेंडे, रूमप दुवे, ओम वानखडे, शुभम दुबे, विक्की कलावटे, हर्ष जैन, गुड्डू शर्मा, रवि श्याम कलावटे, रवि अशोक कलावटे, श्रेया मनोज जायस्वाल, पूजा मनोज शर्मा, मंजू नीलम गौड, अनीता दिनेश शर्मा, भारत कलावटे, प्रीति कलावटे, माया कलावटे, रवीना विक्की कलावटे, सीमा महेश कलावटे, मनोज कैलाश पटेल, प्रीतम नरेडा सहित अनेक का समावेश रहा. सभी ने धीरज की स्वाभाविक रूप से इस धरती से विदा होते होते पांच लोगों का जीवन परिवर्तित करने के लिए सलाम किया.

* इन डॉक्टर्स का रहा सहयोग
अवयव दान के इस महायज्ञ में अनेकानेक का योगदान रहा. रेडियंट अस्पताल के डॉ. सिकंदर आडवानी, डॉ. आनंद काकाणी, डॉ. अग्रवाल के साथ ही नागपुर के न्यू ईरा अस्पताल के डॉ. राहुल सक्सेना, किंग्जवे अस्पताल के डॉ. आशय सूर्यवंशी और डॉ. शुभम चौहान का समावेश रहा. सभी की तत्परता से अवयव दान सफल करने की कोशिशें हुई. हरिना फाउंडेशन के मनोज राठी, सुरेंद्र पोपली, रामप्रकाश गिल्डा, प्रा. मुकेश लोहिया, मनीष सावला, सुरेश जैन, प्रा. मोनिका उमक, राजेंद्र वर्मा, संजय भूतडा, शरद कासट सहित अनेक पदाधिकारियों की उपस्थिति रही. हरिना फाउंडेशन ने शहर में एक और अवयव दान संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया.





