स्मार्ट मीटरों के विरोध में महावितरण कार्यालय पर प्रहार का हल्लाबोल
कुर्सी फेंको आंदोलन कर जताया आक्रोश, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने और पुराने मीटर लगाने की मांग

अमरावती/दि.2- स्मार्ट मीटरों के कारण बिजली बिलों में भारी वृद्धि होने का आरोप लगाते हुए प्रहार जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रमिकों ने गुरुवार को महावितरण कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. आंदोलनकारियों ने महावितरण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘कुर्सी फेंको आंदोलन’ के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया और स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाकर पुराने मीटर पुनः लगाने की मांग की. प्रदर्शन का नेतृत्व प्रहार जनशक्ति पार्टी के जिला प्रमुख वसू महाराज, कामगार जिलाध्यक्ष गौरव ठाकरे, महानगर प्रमुख बंटी रामटेके तथा अन्य पदाधिकारियों ने किया.
आंदोलनकारियों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद आम उपभोक्ताओं, विशेषकर मजदूर वर्ग के बिजली बिलों में अचानक कई गुना वृद्धि हो गई है. जिन परिवारों का मासिक बिजली बिल पहले एक से डेढ़ हजार रुपये आता था, अब उन्हें पांच से छह हजार रुपये तक के बिल थमाए जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे श्रमिक परिवारों के लिए इतने अधिक बिजली बिल भरना संभव नहीं है. ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के तहत बकाया होने पर बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बंद किए जाने का भी खतरा बना रहता है, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है.
आंदोलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं ने प्रहार कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं. लोगों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए गए और इसके बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिली. प्रदर्शनकारियों ने महावितरण प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा नहीं की गई और प्रभावित उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर पुनः स्थापित नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा. उन्होंने यह भी मांग की कि स्मार्ट मीटरों से संबंधित सभी शिकायतों की स्वतंत्र जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए.
आंदोलन के दौरान कुछ समय के लिए महावितरण कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. बाद में अधिकारियों ने आंदोलनकारियों का निवेदन स्वीकार कर उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. इसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ. प्रहार नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक आम उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिलती और बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.