मोहब्बत की राजनीति के जरिए भाजपा को जवाब देने की तैयारी
राहुल गांधी के साथ अल्पसंख्यक नेताओं का संवाद

* विधायक साजिद खान पठाण की सक्रिय सहभागिता
अकोला/दि.26- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर के अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए प्रेम, समानता और सामाजिक सौहार्द की राजनीति को मजबूत करने का संदेश दिया. नई दिल्ली में अकोला पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक साजिद खान पठान की सक्र्रिय सहभागिता विशेष चर्चा का विषय रही. राजनीतिक हलकों में इस बैठक को कांग्रेस की मोहब्बत की राजनीति को आगे बढाने वाली अहम पहल माना जा रहा है.
मायनॉरिटी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्यों के साथ हुई इस विस्तृत चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि, देश के प्रत्येक नागरिक को समाज अधिकार, सम्मान और न्याय मिलना चाहिए. धर्म, जाति, भाषा या सामाजिक आधार पर भेदभाव की राजनीति देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करती है. उन्होंने संवाद, विश्वास और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया. बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सी. वेणुगोपाल, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढी, तारिक अनवर, अभिषेक मनु सिंघवी, भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन, गुरदीप सप्पल, कनीजा फातिमा, क्रिस्टो तिलक, नासिर हुसैन, इमरान मसूद, आरिफ नसीम खान, असलम शेख सहित विपक्षी से आए 50 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
बैठक के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अल्पसंख्यक समाज से जुडे विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. कई प्रतिनिधियों ने सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा को समय की सबसे बडी आवश्यकता बताया. इस दौरान विधायक साजिद खान पठान ने भी अपने विचार रखते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विश्वास और संवाद बढाने की आवश्यकता पर जोर दिया. पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उनके कार्यों और सक्रिय भूमिका की लगातार सराहना की जा रही है. अकोला सहित विदर्भ क्षेत्र में उनकी बढती राजनीतिक सक्रियता को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दे रहा है.
बैठक की एक खास बात यह है कि, राहुल गांधी ने बिना किसी समय सीमा के प्रत्येक प्रतिनिधि की बात गंभीरता से सुनी. उपस्थित सदस्यों ने उनकी संवाद शैली और समन्वयकारी दृष्टिकोण की सराहना की. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, देश में बढते राजनीतिक धु्रवीकरण के बीच आयोजित यह बैठक कांग्रेस की ओर से मोहब्बत की राजनीति का स्पष्ट संदेश देने वाली है. आने वाले समय में इसके दुरगामी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं.





