महर्षि पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव
आदवासी छाम याइत यायले य कारढवाइढ के सऋ।केत

* 545 विद्यार्थियों के अन्य स्कूलों में समायोजन की तैयारी
* प्रबंधन के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई होने की भी संभावना
अमरावती/दि.22 – स्थानीय नवसारी परिसर स्थित महर्षि पब्लिक स्कूल में आदिवासी छात्र राजेश बेठेकर की मौत और छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर सामने आई गंभीर लापरवाही के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. आदिवासी विकास विभाग के अपर आयुक्त संदीप गोलाईत ने स्कूल की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां पाए जाने पर उसकी मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया है. साथ ही स्कूल में अध्ययनरत 545 आदिवासी विद्यार्थियों को अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
जानकारी के अनुसार, मेलघाट क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को शासन की ‘नामांकित अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना’ के तहत महर्षि पब्लिक स्कूल में प्रवेश दिया गया था. 15 अगस्त को स्कूल में भोजन करने के बाद कई विद्यार्थियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उन्हें उल्टी, दस्त, मितली और चक्कर आने जैसी शिकायतें हुईं. इसी दौरान चिखलदरा तहसील अंतर्गत कारंजखेड़ा निवासी कक्षा 11वीं के छात्र राजेश बेठेकर की हालत गंभीर हो गई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई. वहीं पांच अन्य विद्यार्थियों को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कर उपचार कराना पड़ा.
इस घटना के बाद अभिभावकों, आदिवासी संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों में भारी आक्रोश फैल गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर आयुक्त संदीप गोलाईत ने स्वयं स्कूल का दौरा कर स्थिति का निरीक्षण किया. जांच के दौरान छात्रावास, भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यार्थियों की देखरेख से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है. प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
अपर आयुक्त द्वारा तैयार की गई विस्तृत जांच रिपोर्ट आदिवासी विकास आयुक्त कार्यालय को भेज दी गई है. विभागीय सूत्रों के अनुसार अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद स्कूल संचालकों और प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने पर निर्णय लिया जा सकता है. इस बीच अमरावती के सांसद बलवंत वानखड़े ने अस्पताल में भर्ती विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली थी. साथ ही सांसद बलवंद वानखडे ने इस घटना हेतु जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि आदिवासी विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उधर, विभिन्न आदिवासी संगठनों ने भी महर्षि पब्लिक स्कूल की मान्यता तत्काल रद्द करने तथा छात्र राजेश बेठेकर की मौत के लिए जिम्मेदार प्रबंधन पर सदोष मानव वध का मामला दर्ज करने की मांग की है. साथ ही साथ गतरोज ही राजेश बेठेकर के पिता बाबू साबूलाल बेठेकर ने गाडगेनगर पुलिस थाने में पहुंचकर महर्षि पब्लिक स्कूल के संचालक मंडल व आदिवासी प्रकल्प अधिकारी कार्यालय के खिलाफ सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज करने का निवेदन सौंपा था. जिसके चलते यह मामला काफी गंभीर मोड पर पहुंचता दिखाई दिया.
महर्षि पब्लिक स्कूल के एक आदिवासी छात्र की मौत तथा चार से पांच आदिवासी छात्रों की अकस्मात तबियत बिगड जाने की घटना के बाद पूरे जिले में स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा भोजन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा.





