एक ही दिन में जिले में 6 साहुकारों के यहां पडे छापे

अवैध साहूकारी के खिलाफ सहकार विभाग ने खोला मोर्चा

* तीन दिन दौरान 11 ठिकानों पर हुई छापामार कार्रवाई
* जांच पडताल में 114 संदिग्ध दस्तावेज किए गए जब्त
अमरावती /दि.22- जिले में किसानों और जरूरतमंद लोगों को ऊंचे ब्याज पर कर्ज देकर आर्थिक शोषण करने वाले अवैध साहूकारों के खिलाफ सहकार विभाग ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है. जिसके तहत गतरोज एक ही दिन के दौरान अमरावती जिले के अमरावती, चांदूरबाजार व मोर्शी में 6 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई. वहीं पिछले तीन दिनों में अमरावती, तिवसा, बडनेरा, चांदूर बाजार, मोर्शी और नांदगांव खंडेश्वर क्षेत्र में कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी कर 114 संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं. कार्रवाई के दौरान कोरे स्टाम्प पेपर, हस्ताक्षरयुक्त खाली कागजात, कोरे चेक, खरीद-फरोख्त संबंधी दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और किसानों की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद हुए हैं. इस अभियान के बाद जिले के अवैध साहूकारों में हड़कंप मच गया है.

* किसान आत्महत्या प्रकरण के बाद तेज हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, सहकार विभाग की यह कार्रवाई मोर्शी तहसील के तारोदा डोमक निवासी किसान पवन विश्वासराव भाकरे की आत्महत्या के बाद सामने आई शिकायतों के आधार पर शुरू की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अवैध साहूकारी और मनमानी ब्याज वसूली के कारण किसान मानसिक रूप से परेशान था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उपनिबंधक (सहकारी संस्थाएं) राजेश वी. भुयार ने विशेष जांच दल गठित कर जिलेभर में एक साथ छापेमारी के आदेश दिए.

* अमरावती शहर में मिले 32 संदिग्ध दस्तावेज
शुक्रवार को गठित छह विशेष टीमों ने अमरावती, चांदूर बाजार और मोर्शी में एक साथ कार्रवाई की. अमरावती के गाडगेनगर क्षेत्र स्थित नवनीत रतनलाल चांडक के दो फ्लैटों की तलाशी के दौरान 32 संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए. इनमें हस्ताक्षर किए हुए कोरे स्टाम्प पेपर, एक रुपये के स्टाम्प टिकट लगे खाली कागज, चेक, बिक्री रसीदें, खरीद आदेश और अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं. सभी कागजात जांच के लिए सील कर दिए गए. इसी व्यक्ति की कठोरा रोड स्थित गौरीनंदन प्रोविजन्स दुकान की तलाशी में एक कोरा चेक भी मिला, जिसे विभाग ने कब्जे में लेकर सील कर दिया.

* चांदूर बाजार में स्टाम्प पेपर और संपत्ति दस्तावेज बरामद
चांदूर बाजार में आनंद ट्रेडर्स की तलाशी के दौरान नौ कोरे स्टाम्प पेपर बरामद हुए. वहीं हनुमान चौक स्थित कैलाश कमलकिशोर सारडा के निवास से अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री, पंजीयन और अन्य लेन-देन से जुड़े नौ महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए. हालांकि मारवाड़ीपुरा स्थित एक अन्य स्थान पर की गई तलाशी में कोई संदिग्ध दस्तावेज नहीं मिला.

* मोर्शी में खाली हाथ लौटी टीम
मोर्शी के राधाकृष्ण कॉलोनी स्थित घनश्याम गट्टानी के घर पर करीब डेढ़ घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन वहां से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद नहीं हुआ.

* तिवसा और बडनेरा में पहले ही मिल चुके हैं 82 दस्तावेज
इस अभियान के तहत 19 अगस्त को तिवसा में की गई कार्रवाई के दौरान 39 संदिग्ध दस्तावेज, कोरे चेक, हस्ताक्षरयुक्त खाली कागजात, एक रुपये के स्टाम्प वाले कागज और दोपहिया वाहनों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे. इसके अगले दिन बडनेरा क्षेत्र में चार स्थानों पर छापेमारी कर 43 संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए. इनमें किसानों के सातबारा उतारे, इसार चिट्ठियां, कोरे खरीदखत और संपत्ति से संबंधित अन्य दस्तावेज शामिल थे. सहकार विभाग ने नवी बस्ती, सुभाष चौक तथा धानोरा-जोग रोड स्थित परिसरों में यह कार्रवाई की.

* 88 अधिकारियों-कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा
तीन दिनों तक चले इस विशेष अभियान में सहकार विभाग के 44 अधिकारी-कर्मचारी, 22 पुलिसकर्मी और 22 पंच शामिल रहे. कुल 88 लोगों ने एक साथ कार्रवाई को अंजाम दिया. विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी जब्त दस्तावेजों की जांच महाराष्ट्र मनी लेंडिंग (रेगुलेशन) एक्ट-2014 के तहत की जाएगी. यह जांच विभागीय संयुक्त निबंधक गौतम वर्धन, जिला उपनिबंधक राजेश वी. भुयार के मार्गदर्शन तथा सहायक निबंधक स्वाति गुडधे की निगरानी में की जाएगी.

* बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना
सहकार विभाग का मानना है कि दस्तावेजों की जांच में अवैध साहूकारी के व्यापक नेटवर्क, बिचौलियों और संपत्ति गिरवी रखकर किए गए लेन-देन के कई मामले सामने आ सकते हैं. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 2014 में विशेष कानून लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और छोटे व्यापारियों के शोषण की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं. हालिया अभियान को जिले में अवैध साहूकारी के खिलाफ अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.

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