‘गद्दारों से कह रहे हैं- डरो मत, मैं साथ हूं’
क्या यह सुप्रीम कोर्ट को धमकी का संदेश है?

* उद्धव ठाकरे का पीएम मोदी से सवाल
मुंबई/दि.8 – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया है कि क्या बगावत करने वाले सांसदों को समर्थन देने का संदेश सीधे सुप्रीम कोर्ट को दबाव में लेने की कोशिश है. ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के युवाओं और छात्रों से मिलने के लिए समय नहीं निकालते, लेकिन पार्टी से अलग हुए सांसदों से मुलाकात के लिए उनके पास समय है.
मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा, प्रधानमंत्री ने इन सांसदों से बंद कमरे में कहा कि ‘डरो मत, मैं आपके साथ हूं.’ फिर बंद कमरे में कही गई यह बात बाहर कैसे आई? क्या यह सीधे सुप्रीम कोर्ट या सरकार को धमकी देने जैसा संदेश है? इसका स्पष्टीकरण होना चाहिए. ठाकरे ने देश और दुनिया में युवाओं के आंदोलनों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलनों पर लाठीचार्ज और कथित अत्याचार की घटनाएं चिंता का विषय हैं, लेकिन सरकार छात्रों से संवाद नहीं कर रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों से मिलने के बजाय प्रधानमंत्री रात में इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं. ठाकरे ने कहा, अब सरकार इंस्टाग्राम से चलाने का समय आ गया है. कोरोना काल में जब मैं फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से संवाद करता था, तब यही लोग मुझे ट्रोल करते थे. प्रधानमंत्री मोदी और शिंदे गुट के सांसदों की मुलाकात को लेकर ठाकरे ने कहा कि इस तरह का समर्थन भविष्य में दल-बदल करने वालों को गलत संदेश दे सकता है.
शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामले पर उद्धव ठाकरे ने सीधे तौर पर टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वह इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहना चाहते. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में फैसला संविधान और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही होगा.