नांदगांव खंडेश्वर में बाघ के पैरों के निशान, किसानों में दहशत

वाघोड़ा, शेलू-नटवा और आसपास के खेतों में मिले निशान

वन विभाग ने कैमरे लगाए, ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी
नांदगांव खंडेश्वर/दि.5 – नांदगांव तहसील के वाघोड़ा, शेलू-नटवा और आसपास के शिवरा क्षेत्र में धारीदार बाघ के पैरों के निशान मिलने से किसानों और खेत मजदूरों में दहशत का माहौल है. खरीफ सीजन में खेतों में कृषि कार्य अंतिम चरण में है और किसान सुबह से शाम तक खेतों में काम कर रहे हैं. ऐसे में खेतों के आसपास बाघ की मौजूदगी की जानकारी सामने आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.
जानकारी के मुताबिक वाघोड़ा शिवार क्षेत्र में किसान सुरेश पी. गवनेर के खेत में काम कर रहे मजदूरों को सबसे पहले बाघ के पैरों के स्पष्ट निशान दिखाई दिए. इसकी जानकारी गांव में फैलते ही ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पैरों के निशानों की जांच की. प्रारंभिक जांच में इन्हें बाघ के पैरों के निशान माना गया है.
* शेलू-नटवा में भी मिले निशान
वाघोड़ा के अलावा शेलू-नटवा के खेतों के किनारे भी बाघ के पैरों के निशान मिलने की जानकारी सामने आई है. वन विभाग की ओर से आशंका जताई जा रही है कि जंगली सूअर जैसे वन्यजीवों का पीछा करते हुए बाघ इस क्षेत्र में आया हो सकता है. एक ही इलाके के आसपास बाघ की गतिविधि के संकेत मिलने से वाघोड़ा, शेलू-नटवा सहित आसपास के गांवों में किसानों और खेत मजदूरों में भय का माहौल है.
* कैमरे लगाकर निगरानी शुरू
बाघ की वास्तविक मौजूदगी और उसके आवागमन का मार्ग पता लगाने के लिए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में कैमरे लगाए हैं. कैमरों के माध्यम से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. साथ ही वन विभाग की टीम इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ा रही है.
* किसानों को अकेले खेत में न जाने की सलाह
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है. किसानों और खेत मजदूरों को अकेले खेतों में जाने से बचने तथा समूह में कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है. विशेष रूप से सुबह-सुबह और शाम के समय खेतों में अकेले जाने से बचने को कहा गया है. वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं बाघ के पैरों के निशान, वन्यजीव की संदिग्ध गतिविधि या बाघ दिखाई देता है तो उसके पास जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें. तत्काल वन विभाग को सूचना दें. अधिकारियों ने कहा कि सतर्कता और सावधानी ही वन्यजीवों से होने वाले संभावित खतरे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है.

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